वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही के दौरान जोमैटो और ब्लिंकइट की मूल कंपनी इटर्नल के प्रदर्शन में उसके क्विक कॉमर्स कारोबार में दमदार तेजी के कारण बढ़ोतरी देखी गई। वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) में इटर्नल का शुद्ध लाभ 72.8 प्रतिशत बढ़कर 102 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 59 करोड़ रुपये था। तिमाही आधार पर लाभ 65 करोड़ रुपये के मुकाबले 56.9 प्रतिशत बढ़ा। कंपनी का राजस्व इस तिमाही में सालाना आधार पर दोगुने से ज्यादा बढ़कर 16,315 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले साल यह 5,405 करोड़ रुपये था। पिछली तिमाही में राजस्व 13,590 करोड़ रुपये रहा रहा।
इसके साथ ही इटर्नल का एबिटा सालाना आधार पर 28 प्रतिशत बढ़कर 364 करोड़ रुपये हो गया और वित्त वर्ष 26 की दूसरी तिमाही के 224 करोड़ रुपये की तुलना में तिमाही आधार पर 63 प्रतिशत बढ़ा। क्विक कॉमर्स कारोबार में पूंजीगत व्यय और शुद्ध कार्यशील पूंजी की बदौलत कंपनी का नकदी शेष वित्त वर्ष 26 की दूसरी तिमाही के 18,314 करोड़ रुपये की तुलना में घटकर 17,820 करोड़ रुपये रह गया।
शुद्ध ऑर्डर मूल्य (एनओवी) मामूली वृद्धि दिखाते हुए सालाना आधार पर 16.6 प्रतिशत बढ़कर 9,846 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले साल यह 8,443 करोड़ रुपये था। एनओवी कटौती (जैसे छूट, प्रोमो कोड आदि) के बाद बचा हुआ वास्तविक मूल्य
होता है।
इटर्नल के संस्थापक और मुख्य कार्य अधिकारी दीपिंदर गोयल ने कहा, ‘वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में एनओवी में सालाना आधार पर 16.6 प्रतिशत इजाफे के साथ एनओवी की वृद्धि में सुधार जारी है, जो पिछली तिमाही में सालाना आधार पर 13.8 प्रतिशत की एनओवी वृद्धि से काफी बेहतर है।’
दिसंबर तिमाही में ब्लिंकइट का एनओवी 13,300 करोड़ रुपये रहा। पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही के 6,020 करोड़ रुपये की तुलना में इसमें 120.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। स्टॉक आधारित मॉडल की दिशा में बढ़ने की वजह से राजस्व 776.1 प्रतिशत बढ़कर 12,256 करोड़ रुपये हो गया, जो वित्त वर्ष 25 की तीसरी तिमाही में 1,399 करोड़ रुपये था। ब्लिंकइट ने वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में अपना पहला समायोजित एबिटा लाभ दर्ज किया और 4 करोड़ रुपये का धनात्मक समायोजित एबिटा रहा।
इटर्नल के बिजनेस-टु-बिजनेस आपूर्ति कारोबार – हाइपरप्योर का राजस्व सालाना आधार पर 36 प्रतिशत घटकर 1,070 करोड़ रुपये रह गया। ब्लिंकइट की ही तरह हाइपरप्योर ने भी समायोजित एबिटा मार्जिन पहली बार धनात्मक कर लिया। इसके परिणामस्वरूप पिछली तिमाही के 5 करोड़ रुपये के नुकसान की तुलना में 1 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ।