facebookmetapixel
Bonus Stocks: अगले हफ्ते दो कंपनियां देंगी बोनस, निवेशकों को बिना लागत मिलेंगे एक्स्ट्रा शेयरअंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए राहत, रेड चैनल पर कस्टम्स अधिकारी अब हर कदम करेंगे रिकॉर्ड!Zomato CEO ने गिग वर्क मॉडल का बचाव किया, कहा 10.9% बढ़ी कमाईApple ने भारत में बनाई एंकर वेंडर टीम, ₹30,537 करोड़ का निवेश; 27 हजार से अधिक को मिलेगा रोजगारप्राइवेट बैंक बने पेंशन फंड मैनेजर, NPS निवेशकों को मिलेंगे ज्यादा विकल्पअश्लील AI कंटेंट पर सरकार सख्त: Grok की व्यापक समीक्षा करें X, 72 घंटे में रिपोर्ट पेश करने का आदेशमहिंद्रा समूह के CEO अनिश शाह का जरूरी संदेश: बड़ा सोचो, कम करो लेकिन उसे अच्छे से क्रियान्वित करोAdani Total ने घटाई CNG और PNG की कीमतें, आम उपभोक्ताओं को मिलेगी सीधी राहतछोटे निर्यातकों को बड़ी राहत: सरकार ने ₹7,295 करोड़ का निर्यात सहायता पैकेज और ऋण गारंटी योजना का किया ऐलानदेवयानी-सफायर के विलय को मिली मंजूरी, भारत में केएफसी-पिज्जा हट के नेटवर्क को करेगा मजबूत

अमेरिकी विकास दर लुढ़कने से लुढ़का कच्चा तेल

Last Updated- December 07, 2022 | 2:43 PM IST

मौजूदा वित्तीय वर्ष की दूसरी तिमाही में अमेरिका की आर्थिक विकास दर के अनुमान से कम रहने के चलते ऊर्जा की मांग घटने से एशियाई बाजारों में शुक्रवार को कच्चे तेल की कीमतों में नरमी का रुख रहा।


सितंबर में डिलीवर होने वाले लाइट स्वीट क्रूड ऑयल का भाव न्यू यॉर्क मर्केंटाइल एक्सचेंज में 73 सेंट घटकर 123.35 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। वहीं लंदन में ब्रेंट नार्थ सी क्रूड के सितंबर डिलीवरी का भाव 84 सेंट घटकर 123.14 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।

मेलबर्न के एक विश्लेषक मार्क पर्वन ने कहा कि बाजार की धारणा घटती मांग पर ज्यादा केंद्रित है न कि अल्पावधि की आपूर्ति बाधा पर। अमेरिका के वाणिज्य विभाग का कहना है कि दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के बारे में अनुमान था कि उसकी अर्थव्यवस्था की विकास दर दूसरी तिमाही में 2.3 फीसदी रहेगी।

लेकिन यह अनुमान संशोधित करते हुए कहा जा रहा है कि अमेरिका की अर्थव्यवस्था 1.9 फीसदी की रफ्तार से बढ़ेगी। यही नहीं, 2007 की चौथी तिमाही की विकास दर अनुमानित विकास दर से 0.2 फीसदी कम रही। 2001 के बाद से अमेरिकी अर्थव्यवस्था में पहली बार अनुमान से कम विकास हुआ है। पर्वन ने बताया कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था में आयी मंदी की यह पुष्टि करता है। 11 जुलाई को रेकॉर्ड 147 डॉलर पर पहुंचने के बाद कच्चे तेल में 23 फीसदी की कमी आना संकेत करता है कि मंदी के चलते धारणा है कि कच्चे तेल की मांग में कमी आएगी।

First Published - August 2, 2008 | 12:03 AM IST

संबंधित पोस्ट