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उद्योग जगत का सुझाव, बजट में बुनियादी ढांचे पर जोर रहे जारी

Last Updated- December 11, 2022 | 10:48 PM IST

केंद्रीय बजट 2022-23 से पहले उद्योग के संगठनों ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और शीर्ष बजट निर्माताओं को सुझाव दिया है कि निरंतर आर्थिक सुधार संभव बनाए रखने के लिए सरकार को बुनियादी ढांचे और पूंजीगत व्यय में सार्वजनिक निवेश पर जोर जारी रखना चाहिए।
सीतारमण और वित्त सचिव टीवी सोमनाथन, राजस्व सचिव तरुण बजाज तथा आर्थिक मामलों के सचिव अजय सेठ सहित उनके अधिकारियों ने गुरुवार को भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) और एसोसिएटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स ऐंड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया (एसोचैम) समेत उद्योग अन्य संगठनों के साथ बजट पूर्व परामर्श किया।
शुक्रवार को मंत्री और वित्त मंत्रालय के अधिकारी सेवाओं एवं व्यापार क्षेत्रों के प्रतिनिधियों तथा बुनियादी ढांचे और जलवायु परिवर्तन क्षेत्रों के विशेषज्ञों से मुलाकात करेंगे। बिजनेस स्टैंडर्ड को पता चला है कि इसके अलावा सीतारमण 22 दिसंबर को प्रमुख अर्थशास्त्रियों के साथ भी बजट पूर्व परामर्श करेंगी।
बुधवार की बैठक में उद्योग के संगठनों ने सुझाव दिया था कि बजट में विकास, सुधार और सुनिश्चित कर तथा नीतिगत स्थिरता पर जोर जारी रखना चाहिए।
सीआईआई के अध्यक्ष टीवी नरेंद्रन ने वित्त मंत्रालय के अधिकारियों से कहा ‘विकास में मदद के लिए विस्तृत बुनियादी ढांचागत व्यय के जरिये सरकार द्वारा पूंजीगत व्यय जारी रखा जाना चाहिए।’
नरेंद्रन ने कहा कि शेष अर्थव्यवस्था पर गुणक प्रभाव वाले बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में विशेष रूप से वित्तपोषण के स्रोतों में सुधार और विविधता लाने के लिए हस्तक्षेप की आवश्यकता रहती है। इस संदर्भ में यह सुझाव दिया जाता है कि सरकार को नगरपालिका बॉन्ड बाजार विकसित करने पर विचार करना चाहिए ताकि शहर के स्थानीय निकाय बुनियादी ढांचे में निवेश के लिए धन जुटा सकें।

First Published - December 16, 2021 | 11:50 PM IST

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