बजट

Budget 2026: रेल इंफ्रा, EPC कंपनियों को मिल सकती है सौगात; RVNL, IRFC, RITES, IRCON जैसे चुनिंदा स्टॉक्स पर रखें नजर

Budget 2026: एक्सपर्ट ने बताया कि इस बार बजट में पूरी तरह से नई घोषणाओं की बजाय, चल रही परियोजनाओं को समय पर पूरा करने और उनके बेहतर अमल पर जोर रहने की संभावना है।

Published by
जतिन भूटानी   
Last Updated- January 12, 2026 | 4:05 PM IST

Railway Stocks | Budget 2026: बजट 2026-27 में रेलवे सेक्टर को बूस्ट मिलने की उम्मीद है। रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर और ईपीसी (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कमिशनिंग) कंपनियों को ज्यादा फायदा मिल सकता है। ऐसे में चुनिंदा रेलवे शेयर अच्छा मूवमेंट दिखा सकते हैं। बजट से RVNL, IRFC, RITES, IRCON जैसी कंपनियों के लिए अहम ऐलान हो सकते हैं। इससे इनके शेयर तेजी दिखा सकते हैं। ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफार्म स्टॉक्सकार्ट के सीईओ और डायरेक्टर प्रणय अग्रवाल ने बिजनेस स्टैण्डर्ड हिंदी के साथ ईमेल से भेजे सवाल के जवाब में बताया कि सरकार का फोकस नेटवर्क विस्तार, सुरक्षा और तकनीक आधारित सुधारों पर रहेगा। इससे रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर और ईपीसी कंपनियों को ज्यादा फायदा मिल सकता है।

किन सेक्टर्स को हो सकता है ज्यादा फायदा?

वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में भारतीय रेलवे के कुल पूंजीगत खर्च (कैपेक्स) में हल्की बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। यह खर्च मौजूदा वर्ष के लगभग 2.52 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर करीब 2.75 लाख करोड़ रुपये तक जा सकता है। यानी करीब 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी। इसका मतलब है कि सरकार रेलवे नेटवर्क के विस्तार और मॉडर्नाइजेशन पर निवेश जारी रखेगी। लेकिन बहुत बड़ा उछाल देखने को नहीं मिलेगा। दिसंबर 2025 तक रेलवे अपने मौजूदा कैपेक्स का 80 प्रतिशत से ज्यादा इस्तेमाल कर चुका है, जो यह दिखाता है कि परियोजनाओं पर काम तेजी से हो रहा है।

मॉर्डन ट्रेनों की बढ़ सकती है संख्या

बजट में मॉडर्न ट्रेनों, सुरक्षा और तकनीक आधारित सुधारों पर खास ध्यान रहने की उम्मीद है। यात्रियों के लिए वंदे भारत ट्रेनों का दायरा बढ़ाया जा सकता है, जिसमें लंबी दूरी के लिए स्लीपर वर्ज़न भी शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा, किफायती और ज्यादा क्षमता वाली ट्रेनों को भी बढ़ावा दिया जा सकता है। तीनों क्षेत्रों में देखें तो रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर और ईपीसी कंपनियों को सबसे ज़्यादा फायदा मिलने की संभावना है। रेलवे के कुल कैपेक्स का बड़ा हिस्सा ट्रैक विस्तार, इलेक्ट्रिफिकेशन, सिग्नलिंग और सुरक्षा जैसे कामों पर खर्च होता है। रोलिंग स्टॉक यानी कोच और वैगन पर खर्च तुलना में कम रहता है। इसलिए इस सेगमेंट में बढ़त धीरे-धीरे देखने को मिल सकती है।

Also Read: Budget 2026: सुपर-रिच पर टैक्स बढ़ाना हो सकता है उल्टा, विशेषज्ञों की चेतावनी

इन रेलवे स्टॉक्स पर रखें नजर?

वित्त वर्ष 2026–27 में रेलवे के कैपेक्स में बढ़ोतरी से इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं, सुरक्षा सिस्टम, ट्रैक डबलिंग, इलेक्ट्रिफिकेशन, स्टेशन रिकंस्ट्रक्शन और वंदे भारत जैसी ट्रेनों की खरीद के लिए नए टेंडर जारी हो सकते हैं। इससे लिस्टेड रेलवे कंपनियों को धीरे-धीरे नए ऑर्डर मिलने की संभावना है। बजट के बाद इसका असर तुरंत नहीं, बल्कि अगले एक से दो साल में ज्यादा साफ दिखता है।

ऑर्डर के मामले में रेल विकास निगम (RVNL) और इरकॉन इंटरनेशनल जैसी ईपीसी कंपनियों को सबसे ज़्यादा फायदा हो सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि इनके पास पहले से मजबूत ऑर्डर बुक है। इसके अलावा, इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉर्पोरेशन (IRFC) को फंडिंग की बढ़ती जरूरतों से फायदा मिल सकता है। जुपिटर वैगन्स को वैगन ऑर्डर से, रेलटेल को सिग्नलिंग और डिजिटल प्रोजेक्ट्स से और आईआरसीटीसी को यात्री संख्या बढ़ने के चलते इनडायरेक्ट फायदा मिल सकता है।

Railway PSU में क्या करें?

यह निवेशक की जोखिम लेने की क्षमता और निवेश अवधि पर निर्भर करता है। सरकारी रेलवे कंपनियां जैसे IRFC, RVNL, RITES, IRCON और RailTel सीधे सरकारी खर्च और नीतियों से जुड़ी होती हैं। इसलिए इनमें कम जोखिम और ज्यादा स्थिर कमाई देखने को मिलती है, जो सुरक्षित रिटर्न चाहने वाले निवेशकों के लिए बेहतर हो सकती हैं।

चुनिंदा प्राइवेट कंपनियां दिखाएंगी ग्रोथ?

प्राइवेट सेक्टर क्षेत्र की कंपनियां जैसे जुपिटर वैगन्स, टिटागढ़ रेल सिस्टम्स और टेक्समाको रेल एंड इंजीनियरिंग तेज ग्रोथ दे सकती हैं, खासकर अगर नए ऑर्डर बड़े पैमाने पर मिलते हैं। हालांकि, इनमें उतार-चढ़ाव और काम पूरा करने का जोखिम भी ज्यादा रहता है। इसलिए बजट के बाद निवेशकों के लिए संतुलित रणनीति बेहतर हो सकती है। स्थिरता के लिए सरकारी कंपनियां और ज्यादा ग्रोथ की उम्मीद में चुनिंदा निजी रेलवे शेयर।

First Published : January 12, 2026 | 4:04 PM IST