facebookmetapixel
Advertisement
Flexi Cap Funds का जलवा कायम, 5 साल में ₹1 लाख के बनाए ₹2 लाख से ज्यादा; हर साल मिला 22% तक रिटर्नAI से IT कंपनियों की कमाई गिरेगी? Motilal Oswal की रिपोर्ट में 2 बड़े संकेतशेयर बाजार में जबरदस्त तेजी: सेंसेक्स 650 अंक उछला, निफ्टी ने 25,682 के पाररियल एस्टेट सेक्टर में आएगी नौकरियों की बौछार, 2030 तक 10 करोड़ लोगों को मिलेगा रोजगारIndia AI Impact Summit में PM मोदी ने परखा स्टार्टअप्स का दम, भविष्य की तकनीक पर हुई चर्चाGold-Silver ETF में रिकॉर्ड उछाल: 5 महीनों में AUM ₹3 लाख करोड़ के पार, इक्विटी फंड्स से ज्यादा आया निवेशExplainer: बैंक जमा से लेकर गाड़ी खरीदने तक, पैन कार्ड के नए नियम आने से और क्या-क्या बदल जाएगा?NPS के साथ अब मिलेगा हेल्थ कवर भी! स्वास्थ्य खर्चों के लिए बनेगा अलग ‘मेडिकल पेंशन’ फंडNew tax regime vs ELSS: क्या अब भी टैक्स सेविंग फंड में निवेश करना चाहिए?IDFC First Bank की खास सुविधा: अब FD पर मिलेगा क्रेडिट कार्ड, ऑनलाइन ट्रांजेक्शन पर 5% तक कैशबैक!

वित्त मंत्रालय ने बजट सत्र से पहले अनुदान की अंतिम अनुपूरक मांगों के लिए व्यय प्रस्ताव मांगे

Advertisement

आम चुनाव से पहले 17वीं लोकसभा का आखिरी सत्र होगा और सरकार लेखानुदान (expenditure approvals) के जरिये जुलाई, 2024 तक चार महीने के लिए संसद से खर्च की मंजूरी मांगेगी।

Last Updated- December 31, 2023 | 4:22 PM IST
Budget 2024

वित्त मंत्रालय ने जनवरी के अंतिम सप्ताह में शुरू होने वाले बजट सत्र से पहले विभिन्न मंत्रालयों और विभागों से अनुदान की अनुपूरक मांगों (Supplementary Demands for Grants) के दूसरे और अंतिम बैच के लिए व्यय प्रस्ताव मांगे हैं।

यह आम चुनाव से पहले 17वीं लोकसभा का आखिरी सत्र होगा और सरकार लेखानुदान (expenditure approvals) के जरिये जुलाई, 2024 तक चार महीने के लिए संसद से खर्च की मंजूरी मांगेगी।

वित्त मंत्रालय ने एक कार्यालय ज्ञापन में कहा कि 2023-24 के लिए अनुदान की अनुपूरक मांगों के दूसरे बैच को आगामी बजट सत्र में संसद के समक्ष रखे जाने का प्रस्ताव है। जो मामले ऐसी मांगों के तहत शामिल किए जाने के योग्य होंगे उनमें वे भी शामिल हैं जहां आकस्मिक निधि से अग्रिम राशि दी गई है।

इसमें कहा गया कि इसके अलावा, अदालती आदेश पर भुगतान के साथ-साथ ऐसे मामले भी शामिल होंगे जहां वित्त मंत्रालय ने विशेष रूप से शीतकालीन सत्र में अनुपूरक मांग को आगे बढ़ाने की सलाह दी है।

इसमें कहा गया, “अनुपूरक अनुदान के प्रस्तावों को आगे बढ़ाते समय अनुदान नियंत्रण प्राधिकारी को अनुदान के भीतर बचत की पहचान अवश्य करनी चाहिए ताकि निरर्थक या बढ़ी हुई अनुपूरक मांगों को दूर किया जा सके और अनुपूरक अनुदान प्राप्त करने के बाद उसे वापस लौटाने की स्थिति से बचा जा सके।”

शुक्रवार (29 दिसंबर) के कार्यालय ज्ञापन के अनुसार, मंत्रालयों को आठ जनवरी तक अपने प्रस्ताव जमा करने होंगे। अंतरिम बजट 2024-25 एक फरवरी को पेश होने की संभावना है।

Advertisement
First Published - December 31, 2023 | 4:22 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement