facebookmetapixel
Advertisement
Consumer Durable: गर्मी और EMI ने बढ़ाई कंज्यूमर ड्यूरेबल कंपनियों की चमक, कई शेयरों में बड़ा अपसाइडGold-Silver Price Today: US-ईरान तनाव के बीच सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट, जानें आज के ताजा रेटBanking Sector: मार्जिन पर दबाव बढ़ने के बीच बैंकिंग सेक्टर में अब कहां लगाएं पैसा? एंटीक ने बताए गए टॉप बैंकStock Market Update: US-ईरान टकराव से बाजार धड़ाम! सेंसेक्स 200 अंक टूटा, निफ्टी 24,000 के नीचेAI की आंधी में भारत पीछे! ताइवान बना दुनिया का 5वां सबसे बड़ा शेयर बाजार, TSMC ने कर दिया कमालभारत के 500 अरब डॉलर इलेक्ट्रॉनिक्स सपने पर चीन के फैसलों का असर?CNG फिर महंगी हुई, ₹2 प्रति किलो बढ़ गए दाम; 15 दिनों में चौथी बार हुआ इजाफाईरानी नौकाओं और मिसाइल ठिकानों पर अमेरिकी हमला, तेल कीमतों में तेजीStocks To Watch Today: LG Electronics से लेकर Paytm तक कई बड़े अपडेट, इन शेयरों पर रहेगी आज नजरकच्चे तेल की महंगाई से पेट्रोल-डीजल फिर महंगे, बंगाल चुनाव बाद चौथी बार बढ़े तेल के दाम

वित्त मंत्रालय ने बजट सत्र से पहले अनुदान की अंतिम अनुपूरक मांगों के लिए व्यय प्रस्ताव मांगे

Advertisement

आम चुनाव से पहले 17वीं लोकसभा का आखिरी सत्र होगा और सरकार लेखानुदान (expenditure approvals) के जरिये जुलाई, 2024 तक चार महीने के लिए संसद से खर्च की मंजूरी मांगेगी।

Last Updated- December 31, 2023 | 4:22 PM IST
Budget 2024

वित्त मंत्रालय ने जनवरी के अंतिम सप्ताह में शुरू होने वाले बजट सत्र से पहले विभिन्न मंत्रालयों और विभागों से अनुदान की अनुपूरक मांगों (Supplementary Demands for Grants) के दूसरे और अंतिम बैच के लिए व्यय प्रस्ताव मांगे हैं।

यह आम चुनाव से पहले 17वीं लोकसभा का आखिरी सत्र होगा और सरकार लेखानुदान (expenditure approvals) के जरिये जुलाई, 2024 तक चार महीने के लिए संसद से खर्च की मंजूरी मांगेगी।

वित्त मंत्रालय ने एक कार्यालय ज्ञापन में कहा कि 2023-24 के लिए अनुदान की अनुपूरक मांगों के दूसरे बैच को आगामी बजट सत्र में संसद के समक्ष रखे जाने का प्रस्ताव है। जो मामले ऐसी मांगों के तहत शामिल किए जाने के योग्य होंगे उनमें वे भी शामिल हैं जहां आकस्मिक निधि से अग्रिम राशि दी गई है।

इसमें कहा गया कि इसके अलावा, अदालती आदेश पर भुगतान के साथ-साथ ऐसे मामले भी शामिल होंगे जहां वित्त मंत्रालय ने विशेष रूप से शीतकालीन सत्र में अनुपूरक मांग को आगे बढ़ाने की सलाह दी है।

इसमें कहा गया, “अनुपूरक अनुदान के प्रस्तावों को आगे बढ़ाते समय अनुदान नियंत्रण प्राधिकारी को अनुदान के भीतर बचत की पहचान अवश्य करनी चाहिए ताकि निरर्थक या बढ़ी हुई अनुपूरक मांगों को दूर किया जा सके और अनुपूरक अनुदान प्राप्त करने के बाद उसे वापस लौटाने की स्थिति से बचा जा सके।”

शुक्रवार (29 दिसंबर) के कार्यालय ज्ञापन के अनुसार, मंत्रालयों को आठ जनवरी तक अपने प्रस्ताव जमा करने होंगे। अंतरिम बजट 2024-25 एक फरवरी को पेश होने की संभावना है।

Advertisement
First Published - December 31, 2023 | 4:22 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement