facebookmetapixel
Advertisement
India AI Impact Summit में PM मोदी ने परखा स्टार्टअप्स का दम, भविष्य की तकनीक पर हुई चर्चाGold-Silver ETF में रिकॉर्ड उछाल: 5 महीनों में AUM ₹3 लाख करोड़ के पार, इक्विटी फंड्स से ज्यादा आया निवेशExplainer: बैंक जमा से लेकर गाड़ी खरीदने तक, पैन कार्ड के नए नियम आने से और क्या-क्या बदल जाएगा?NPS के साथ अब मिलेगा हेल्थ कवर भी! स्वास्थ्य खर्चों के लिए बनेगा अलग ‘मेडिकल पेंशन’ फंडNew tax regime vs ELSS: क्या अब भी टैक्स सेविंग फंड में निवेश करना चाहिए?IDFC First Bank की खास सुविधा: अब FD पर मिलेगा क्रेडिट कार्ड, ऑनलाइन ट्रांजेक्शन पर 5% तक कैशबैक!HDFC Flexi Cap Fund ₹1 लाख करोड़ AUM पार करने वाला देश का तीसरा फंड, ₹1,000 की SIP ने बनाया करोड़पतिExplainer: 31 दिसंबर 2025 से पहले रिटायर कर्मचारियों की पेंशन 8वें वेतन आयोग के तहत नहीं बढ़ेगी?Lead-to-Buy home Cycle Shrink: अब मकान खरीदने में कम समय ले रहे हैं खरीदारएक साल में 50% टूट गया ये शेयर, ब्रोकरेज की चेतावनी – अभी और आ सकती है गिरावट

Budget 2023 : भारतीय स्टार्टअप में विदेशी निवेश को लगेगा करारा झटका

Advertisement
Last Updated- February 02, 2023 | 10:10 PM IST
Startup

रकम के इंतजाम में मौजूदा मंदी के बीच स्टार्टअप कंपनियों को बजट 2023 में एक और मुश्किल स्थिति में डाल दिया गया है, जिसमें अनिवासी निवेशकों के लिए एंजेल टैक्स का दायरा बढ़ाने का प्रस्ताव दिया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारत में विदेशी निवेश को करारा झटका लगेगा।
एंजेल निवेशकों के भारत के सबसे बड़े नेटवर्क – इंडियन एंजेल नेटवर्क (आईएएन) की सह-संस्थापक पद्मजा रूपारेल इसे ‘दो कदम पीछे ले जाने’ वाले कदम के रूप में देखती हैं। उनका कहना है कि यह अनिवासी निवेशकों द्वारा एंजेल निवेश करने वाले उद्योग को खत्म कर देगा। उन्होंने कहा ‘सरकार को इस कदम पर फिर से विचार करने की जरूरत है।’
अनिवासी निवेशकों को शामिल करने के लिए वित्त विधेयक में आयकर अधिनियम की धारा 56(2) में संशोधन का प्रस्ताव किया गया है, जिसे समान्य रूप से एंजेल टैक्स के रूप में जाना जाता है। इनमें सिकोया कैपिटल इंडिया, सॉफ्टबैंक, टाइगर ग्लोबल जैसे निवेशक और ऐसे कई अति धनाढ्य व्यक्ति शामिल होंगे, जो एंजेल नेटवर्क समूहों के जरिये निवेश करते हैं।
मौजूदा प्रावधानों के तहत ‘निवासी होने के नाते किसी व्यक्ति से’ शेयर जारी करके पूंजी जुटाने वाले किसी भी असूचीबद्ध स्टार्टअप पर ऐंजल टैक्स लगाया जाता है, अगर जारी किए गए शेयर कीमत कंपनी के उचित बाजार मूल्य (एफएमवी) से अधिक हो।
विधेयक में कहा गया है कि उक्त खंड से ‘निवासी होने के नाते’ शब्दों को हटाने का प्रस्ताव है ताकि धारा 56 की उप-धारा (2) के उक्त खंड के दायरे में
सभी निवेशकों को शामिल किया जा सके, उनका निवास स्थान भले ही कुछ भी हो।
रूपारेल ने कहा कि यह विदेशी निवेशकों से पैसा जुटाने पर विचार करने वाले स्टार्टअप के लिए पीछे जाने वाला कदम है। उन्होंने कहा ‘इसका मतलब यह है कि जब विदेशी निवेशक धारा 56(2) के तहत किसी निश्चित मूल्यांकन पर किसी स्टार्टअप में निवेश कर रहे हों, तो यह आयकर अधिकारी को इस मूल्यांकन पर सवाल उठाने का अधिकार दे रहा है।’
उन्होंने कहा ‘इसके बावजूद अगर आयकर अधिकारी को लगता है कि किसी फर्म का मूल्य बहुत अधिक है, तो वे शेष राशि को आय में तब्दील कर देंगे। इसका मतलब यह है कि किसी स्टार्टअप में निवेश की गई पूंजी अब आय में तब्दील हो जाएगी और इसलिए आयकर के अधीन होगी। इसके परिणामस्वरूप यह विदेशी निवेशकों द्वारा भारतीय स्टार्टअप में निवेश करने में अड़चन डालेगा।’

Advertisement
First Published - February 2, 2023 | 10:10 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement