facebookmetapixel
Advertisement
दिल्ली के बड़े अस्पतालों पर CCI की नजर, मरीजों से ज्यादा वसूली के आरोपों ने बढ़ाई हलचलStocks To Watch Today: ITC से Paytm तक शेयर बाजार में हलचल, इन कंपनियों की बड़ी खबरों पर आज रहेगी निवेशकों की नजरQ4 Results: ITC का शुद्ध लाभ बढ़ा, जानें नायिका, मैक्स हेल्थकेयर समेत अन्य कंपनियों का कैसा रहा रिजल्टEditorial: नॉर्डिक देशों के साथ भारत की रणनीतिक साझेदारीबैंक बोर्ड बैठकों में अहम मुद्दों पर ध्यान नहीं, क्यों जरूरी है गवर्नेंस में बड़ा बदलाव?भारत में तेजी से बदलते रोजगार परिदृश्य पर नीति निर्माताओं को देना होगा ध्यानIPO और Relisted Shares के नियम बदलने की तैयारी, SEBI ने प्राइस डिस्कवरी में बड़े बदलाव सुझाएGift City में एंट्री करेगी QRT, भारत में बढ़ेगी हाई-फ्रीक्वेंसी ट्रेडिंग की रफ्तारपरिचालन के मोर्चे पर ओला इलेक्ट्रिक को बढ़त, लेकिन रिकवरी की रफ्तार पर अब भी विश्लेषकों को संशयGold-Silver Price: चांदी में 5,000 रुपये की उछाल, सोना भी मजबूत

Budget 2023 : भारतीय स्टार्टअप में विदेशी निवेश को लगेगा करारा झटका

Advertisement
Last Updated- February 02, 2023 | 10:10 PM IST
Startup

रकम के इंतजाम में मौजूदा मंदी के बीच स्टार्टअप कंपनियों को बजट 2023 में एक और मुश्किल स्थिति में डाल दिया गया है, जिसमें अनिवासी निवेशकों के लिए एंजेल टैक्स का दायरा बढ़ाने का प्रस्ताव दिया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारत में विदेशी निवेश को करारा झटका लगेगा।
एंजेल निवेशकों के भारत के सबसे बड़े नेटवर्क – इंडियन एंजेल नेटवर्क (आईएएन) की सह-संस्थापक पद्मजा रूपारेल इसे ‘दो कदम पीछे ले जाने’ वाले कदम के रूप में देखती हैं। उनका कहना है कि यह अनिवासी निवेशकों द्वारा एंजेल निवेश करने वाले उद्योग को खत्म कर देगा। उन्होंने कहा ‘सरकार को इस कदम पर फिर से विचार करने की जरूरत है।’
अनिवासी निवेशकों को शामिल करने के लिए वित्त विधेयक में आयकर अधिनियम की धारा 56(2) में संशोधन का प्रस्ताव किया गया है, जिसे समान्य रूप से एंजेल टैक्स के रूप में जाना जाता है। इनमें सिकोया कैपिटल इंडिया, सॉफ्टबैंक, टाइगर ग्लोबल जैसे निवेशक और ऐसे कई अति धनाढ्य व्यक्ति शामिल होंगे, जो एंजेल नेटवर्क समूहों के जरिये निवेश करते हैं।
मौजूदा प्रावधानों के तहत ‘निवासी होने के नाते किसी व्यक्ति से’ शेयर जारी करके पूंजी जुटाने वाले किसी भी असूचीबद्ध स्टार्टअप पर ऐंजल टैक्स लगाया जाता है, अगर जारी किए गए शेयर कीमत कंपनी के उचित बाजार मूल्य (एफएमवी) से अधिक हो।
विधेयक में कहा गया है कि उक्त खंड से ‘निवासी होने के नाते’ शब्दों को हटाने का प्रस्ताव है ताकि धारा 56 की उप-धारा (2) के उक्त खंड के दायरे में
सभी निवेशकों को शामिल किया जा सके, उनका निवास स्थान भले ही कुछ भी हो।
रूपारेल ने कहा कि यह विदेशी निवेशकों से पैसा जुटाने पर विचार करने वाले स्टार्टअप के लिए पीछे जाने वाला कदम है। उन्होंने कहा ‘इसका मतलब यह है कि जब विदेशी निवेशक धारा 56(2) के तहत किसी निश्चित मूल्यांकन पर किसी स्टार्टअप में निवेश कर रहे हों, तो यह आयकर अधिकारी को इस मूल्यांकन पर सवाल उठाने का अधिकार दे रहा है।’
उन्होंने कहा ‘इसके बावजूद अगर आयकर अधिकारी को लगता है कि किसी फर्म का मूल्य बहुत अधिक है, तो वे शेष राशि को आय में तब्दील कर देंगे। इसका मतलब यह है कि किसी स्टार्टअप में निवेश की गई पूंजी अब आय में तब्दील हो जाएगी और इसलिए आयकर के अधीन होगी। इसके परिणामस्वरूप यह विदेशी निवेशकों द्वारा भारतीय स्टार्टअप में निवेश करने में अड़चन डालेगा।’

Advertisement
First Published - February 2, 2023 | 10:10 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement