facebookmetapixel
Advertisement
Indian IT: बड़े टेक दिग्गज खुद कर रहे निवेश, क्या घटेगा भारतीय कंपनियों का काम? ब्रोकरेज ने बताई असली तस्वीरएक साल में 100% चढ़ा Pharma Stock, मोतीलाल ओसवाल ने कहा- BUY; अभी 20% और चढ़ेगाFMCG Stocks: कॉफी 18% सस्ती, कोपरा गिरा… क्या बढ़ेगा कंपनियों का मुनाफा? एंटीक ने बताए अपने टॉप पिक्सटैक्स बढ़ा, लेकिन क्या संभल पाएगा घाटा? सरकारी खजाने की हालत पर एंटीक की रिपोर्टClean Max Enviro IPO Allotment: आज फाइनल होगा शेयरों का अलॉटमेंट, जानें कितने रुपये पर हो सकती है लिस्टिंगसरकारी खर्च से चमकेंगी ये 4 कंपनियां? मजबूत ऑर्डर बुक और बढ़ते मार्जिन पर ब्रोकरेज का बड़ा दांवGold Silver Price: MCX पर सोना ₹600 से ज्यादा टूटा, चांदी में ₹4,000 की गिरावट; जानें ताजा भाव25,400 के स्तर पर निफ्टी की अग्निपरीक्षा, आगे क्या होगी चाल? मार्केट एक्सपर्ट ने बताई ट्रेडिंग स्ट्रेटेजी और टॉप पिक्सBreakout stocks: ब्रेकआउट के बाद दौड़ने को तैयार ये 3 स्टॉक, जान लें टारगेट, स्टॉपलॉसStocks to Watch: Lupin से लेकर IRFC और RVNL तक, गुरुवार को इन स्टॉक्स पर रखें नजर

Automobile Industry: वाहन खरीद पर पड़ेगा महंगाई का ग्रहण!

Advertisement

वाहन डीलरों के संगठन फाडा ने कहा कि चालू वित्त वर्ष में ब्याज दर और महंगाई का पड़ सकता है दबाव

Last Updated- April 08, 2024 | 10:42 PM IST
Vehicle

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) का उधारी दर 6.5 प्रतिशत के स्तर पर बरकरार रखने का फैसला सभी वाहनों, खास तौर पर शुरुआती स्तर वाले वाहनों की खुदरा बिक्री पर बुरा असर डालेगा क्योंकि ये खरीदार मूल्य के प्रति काफी ज्यादा संवेदनशील होते हैं।

फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (फाडा) ने मार्च की मासिक खुदरा बिक्री के आंकड़े जारी करते हुए यह जानकारी दी। फाडा ने कहा कि दरों में राहत न मिलने और महंगाई का रुझान जारी रहने से संभावित खरीदारों को हिचक होती है।

फाडा ने कहा ‘सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकनॉमी (सीएमआईई) ने भी कहा है कि शहरी भारतीयों के बीच उपभोक्ता धारणा में खासी गिरावट की वजह से वाहन क्षेत्र को कुछ अलग चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। शहरी आय वर्ग के भीतर वैकल्पिक खर्च में संयम के कारण यह गिरावट उद्योग के परिदृश्य को लेकर जटिलता में इजाफा करती है।’

वाहन डीलरों का मानना है कि आगामी चुनावों के साथ ये चुनौतियां उद्योग पर असर डालेंगी, जिससे संभावित रूप से सभी श्रेणियों की वाहन बिक्री पर अंकुश लगेगा। वित्त वर्ष 25 के परिदृश्य को लेकर फाडा को लगता है कि वाहन उद्योग आशावाद और चुनौतियों के के बीच विकास के लिए तैयार है।

फाडा के अध्यक्ष मनीष राज सिंघानिया ने कहा कि सरकार की अनुकूल नीतियों के साथ-साथ सरकारी खर्च में इजाफा और बेहतर मॉनसून से इस साल ग्रामीण क्षेत्रों में मांग बढ़ने की उम्मीद है।

मार्च में 3.4 प्रतिशत बढ़ी वाहनों की खुदरा बिक्री

मार्च 2024 के दौरान देश के खुदरा वाहन बिक्री क्षेत्र में पिछले साल की तुलना में 3.14 प्रतिशत की मामूली वृद्धि देखी गई। दोपहिया और तिपहिया श्रेणी में क्रमशः पांच प्रतिशत और 17 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई जबकि यात्री वाहन, ट्रैक्टर और वाणिज्यिक वाहनों को क्रमशः छह प्रतिशत, तीन प्रतिशत और छह प्रतिशत की गिरावट का सामना करना पड़ा।

सिंघानिया ने कहा कि 31 मार्च को फेम-2 सब्सिडी खत्म होने की वजह से मार्च में ईवी की बिक्री में बढ़ोतरी के साथ दोपहिया वाहनों ने लचीलापन दिखाया। इससे ईवी दोपहिया की बाजार हिस्सेदारी में खासा इजाफा हुआ और यह बढ़कर 9.12 प्रतिशत हो गई। मार्च में तिपहिया वाहनों ने अच्छा प्रदर्शन किया और खुदरा बिक्री 1,05,222 वाहनों के साथ अब तक के शीर्ष स्तर पर पहुंच गई।

Advertisement
First Published - April 8, 2024 | 10:42 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement