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लेखक : तमाल बंद्योपाध्याय

आज का अखबार, लेख

बीमा उद्योग: समावेशी बैंकिंग से समावेशी बीमा तक…

आप मुझे एक कार गिफ्ट करते हैं। एक चौड़ी सड़क है जिस पर मैं गाड़ी चला सकता हूं। लेकिन मुझे टंकी में 20 लीटर से ज्यादा तेल नहीं भरने दिया गया है। बूट में कोई स्टेपनी नहीं है, टायर बदलने के लिए कार को आसानी से उठाने के लिए कोई हाइड्रोलिक जैक नहीं है। मेरे […]

आज का अखबार, लेख

कोविड से निपटते हुए आरबीआई ने दिखाई राह

पिछले शुक्रवार को 10 साल के बॉन्ड की ब्याज दर 3 आधार अंक (बीपीएस) कम होकर 6.99 फीसदी पर आ गई। यह 7 अप्रैल, 2022 के बाद से पहली बार 7 फीसदी से नीचे रही। मई के पहले सप्ताह में भी 10 साल के बॉन्ड की ब्याज दर 7 फीसदी से नीचे 6.98 फीसदी के […]

आज का अखबार, लेख

Amrapali: एक अधूरी परियोजना को पूरा करने की नायाब कहानी

अप्रैल के अंतिम सप्ताह में मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने निर्मल लाइफस्टाइल के प्रवर्तकों को गिरफ्तार कर लिया। कंपनी के प्रवर्तकों पर आरोप था कि वे मुंबई के उपनगर मुलुंड में चार आवासीय परियोजनाओं में खरीदारों को फ्लैट देने में नाकाम रहे। उत्तर प्रदेश के नोएडा में आम्रपाली स्टॉल्ड प्रोजेक्ट्स इन्वेस्टमेंट्स रीकंस्ट्रक्शन इस्टै​ब्लिशमेंट […]

आज का अखबार, लेख

एक वरिष्ठ बैंकर की जिंदगी का एक हफ्ता

अपने पिछले स्तंभ में मैंने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में कार्य संस्कृति के बारे लिखा था। उसे पढ़ने के बाद कई बैंकर उत्साहित हो गए और कई वरिष्ठ अधिकारियों ने अपने अनुभवों के साथ मुझसे संपर्क भी साधा। जो लोग निजी क्षेत्र के बैंकों में काम करने करते हैं उनमें भी सभी अपने काम से […]

आज का अखबार, लेख

सरकारी बैंकों में मानव संसाधन को लेकर बढ़ता संकट

मार्च की शुरुआत में जब भारत में होली मनाई जा रही थी तब एक वरिष्ठ बैंकर मुंबई में अपने एक करीबी दोस्त की बेटी की शादी में शामिल हुए। वह सज्जन एक पांच सितारा होटल में दो दिनों तक शादी की सभी रस्मों के दौरान मौजूद रहे, लेकिन जब भी फोटो शूट कराने के लिए […]

आज का अखबार, लेख

बैंकिंग उद्योग में बढ़ती धोखाधड़ी

जूम डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, स्टर्लिंग बायोटेक लिमिटेड, किंगफिशर एयरलाइंस लिमिटेड, दीवान हाउसिंग फाइनैंस कॉर्प लिमिटेड, रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड और श्रेय इन्फ्रास्ट्रक्चर फाइनैंस लिमिटेड इन सभी में क्या समानता है? इन कंपनियों के खाते भारतीय बैंकों के उन हजारों खातों में शामिल हैं जिन पर ऋण नहीं लौटाने और धोखाधड़ी करने का ठप्पा लग चुका है। […]

आज का अखबार, बैंक, लेख

धन सृजन को नियंत्रित करते वाणिज्यिक बैंक

अमेरिका में संगीत नाट्य के एक कलाकार विल रोजर्स ने कहा था, ‘समय की शुरुआत के साथ तीन महान आविष्कार हुए और वे हैं आग, पहिया और केंद्रीय बैंकिंग।’ इंजीनियर से अर्थशास्त्री बने कृष्णमूर्ति वैद्यनाथन और कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यन ने अपनी किताब, ‘मनीः ए जीरो सम गेम’ में केंद्रीय बैंकिंग की जगह बैंकिंग को रखने की […]

आज का अखबार, लेख

एसवीबी के पतन में भारत के लिए सबक

‘हमने सप्ताहांत पर आपात ढंग से काम किया, अंशधारकों को सुना और सिलिकन वैली बैंक यूके के ग्राहकों को भरोसा और सुरक्षा मुहैया कराने के लिए एक समुचित उपाय पर काम किया।’ ‘मुझे यह कहने में खुशी हो रही है कि हम एक हल पर पहुंच गए हैं।’ ‘अच्छी खबर यह है कि एसवीबी यूके […]

आज का अखबार, लेख

आरबीआई की सक्रियता उसके और बैंकों के लिए अच्छी

बैंक गैर-निष्पादित आस्तियां (एनपीए) छुपाने में माहिर रहे हैं। 2011 तक कोर बैंकिंग सिस्टम (सीबीएस) आने के बाद भी एनपीए की पहचान के लिए बैंक तकनीक का इस्तेमाल नहीं कर रहे थे। शाखा से लेकर मुख्यालयों तक बैंकों ने तकनीक के बजाय मानव संपर्क का सहारा लिया। काफी कुछ ‘व्याख्या’ पर भी निर्भर था। भारतीय […]

आज का अखबार, लेख

आरबीआई ने बदले निगरानी के तौर-तरीके

क्या भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बैंकों का सूक्ष्म प्रबंधन करना शुरू कर दिया है? मैंने पिछले वर्ष दिसंबर में ‘बिज़नेस स्टैंडर्ड बैंकिंग सम्मेलन’ में अनौपचारिक चर्चा के दौरान गवर्नर शक्तिकांत दास से यह प्रश्न पूछ दिया था। मेरा प्रश्न सुनकर वह अचरज में दिखे। उन्होंने कहा, ‘मैं पहली बार ऐसा सुन रहा हूं।’ दास […]

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