देश का ऑटो सेक्टर इस समय मजबूत ग्रोथ ट्रेंड में बना हुआ है। नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च 2026 में भी सभी प्रमुख सेगमेंट में बिक्री की रफ्तार तेज रहने की उम्मीद है। बेहतर फाइनेंस सुविधा, नई गाड़ियों की लॉन्चिंग और ग्राहकों की मजबूत मांग इस ग्रोथ को सपोर्ट कर रही है।
टू-व्हीलर सेगमेंट में सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिल सकती है। घरेलू बाजार में बिक्री 15% से ज्यादा बढ़ने का अनुमान है। शादी-ब्याह का सीजन, आसान लोन और बेहतर कीमतें मांग को बढ़ा रही हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च में TVS की बिक्री करीब 25% बढ़कर 5.2 लाख यूनिट तक पहुंच सकती है, जबकि Bajaj Auto में 19% की तेजी के साथ 4.4 लाख यूनिट का अनुमान है। Hero MotoCorp और Royal Enfield में भी ग्रोथ रहेगी, लेकिन उत्पादन की सीमाओं के कारण Royal Enfield की रफ्तार थोड़ी धीमी रह सकती है।
| कंपनी का नाम | मार्च 2026 (यूनिट) | ग्रोथ (%) |
|---|---|---|
| हीरो मोटोकॉर्प | 6,00,000 | 9 |
| बजाज ऑटो | 4,40,000 | 19 |
| टीवीएस मोटर | 5,20,000 | 25 |
| आयशर मोटर्स (रॉयल एनफील्ड) | 1,09,000 | 8 |
| आयशर (VECV) | 13,900 | 15 |
| अशोक लेलैंड | 27,500 | 14 |
| टाटा मोटर्स (CV) | 46,500 | 13 |
| टाटा मोटर्स (PV) | 63,800 | 22 |
| महिंद्रा (ऑटो) | 99,000 | 18 |
| महिंद्रा (फार्म) | 39,000 | 12 |
| मारुति सुजुकी | 2,15,000 | 11 |
| हुंडई | 68,000 | 1 |
| एस्कॉर्ट्स | 12,500 | 10 |
ट्रैक्टर सेगमेंट में भी मार्च के दौरान 10% से ज्यादा ग्रोथ देखने को मिल सकती है। GST में कटौती और राज्य सरकारों की सब्सिडी से किसानों के लिए खरीद आसान हुई है, जिससे मांग बढ़ी है। Mahindra और Escorts की बिक्री क्रमशः करीब 12% और 10% बढ़ने का अनुमान है।
कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में भी डबल डिजिट ग्रोथ के संकेत हैं। बेहतर माल ढुलाई, GST का सकारात्मक असर और आसान फाइनेंस उपलब्धता से मांग बढ़ रही है। Tata Motors के कमर्शियल वाहन कारोबार में करीब 13% की ग्रोथ का अनुमान है, जबकि Ashok Leyland और Eicher में भी अच्छी बढ़त देखी जा सकती है।
पैसेंजर व्हीकल यानी कार सेगमेंट में भी मार्च में 10% से ज्यादा ग्रोथ की उम्मीद है। नई गाड़ियों की लॉन्चिंग, कम डिस्काउंट और बेहतर फाइनेंसिंग इस सेगमेंट को सपोर्ट कर रही है। Tata Motors की पैसेंजर गाड़ियों में करीब 22% की तेजी का अनुमान है, जबकि Mahindra में 18% और Maruti Suzuki में 11% ग्रोथ का अनुमान है। हालांकि Hyundai की ग्रोथ सीमित रह सकती है, क्योंकि उसके एक्सपोर्ट पर पश्चिम एशिया की स्थिति का असर पड़ रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक, एक्सपोर्ट में भी ग्रोथ बनी रह सकती है, खासकर अफ्रीका और लैटिन अमेरिका जैसे बाजारों से मांग बढ़ रही है। हालांकि पश्चिम एशिया में तनाव और कंटेनर की उपलब्धता से कुछ दबाव भी देखने को मिल सकता है।
Also Read | Defence Stocks: ₹6.7 लाख करोड़ के डिफेंस बूस्ट के बीच 7 शेयरों पर BUY की सलाह
ब्रोकरेज का मानना है कि FY26 से FY28 के बीच ऑटो सेक्टर में अच्छी ग्रोथ बनी रह सकती है। बेहतर आय, सस्ते लोन और नई टेक्नोलॉजी इस सेक्टर को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएंगे।
नुवामा की रिपोर्ट के मुताबिक, ऑटो सेक्टर में Tata Motors (CV और PV), Bajaj Auto और TVS Motor सबसे मजबूत दांव माने जा रहे हैं। इन कंपनियों को मजबूत डिमांड, प्रोडक्ट पोर्टफोलियो और ग्रोथ की संभावनाओं के आधार पर चुना गया है।
(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)