Alka India Bonus Share Issue: शेयर बाजार के सार्वजनिक निवेशकों के लिए अलका इंडिया लिमिटेड खुशियों की एक बड़ी सौगात लेकर आई है। कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने पब्लिक शेयरहोल्डर्स की चांदी करते हुए 6:1 के अनुपात में बोनस शेयर देने का जबरदस्त ऐलान किया है। इसका सीधा मतलब यह है कि कंपनी अपने छोटे और सार्वजनिक निवेशकों को हर 1 शेयर पर 6 बोनस शेयर बिल्कुल फ्री देगी।
इस बोनस इश्यू की सबसे खास और अनोखी बात यह है कि इसका फायदा सिर्फ और सिर्फ पब्लिक शेयरहोल्डर्स को ही मिलेगा, जबकि कंपनी के प्रमोटर और प्रमोटर ग्रुप को इस पूरी योजना से पूरी तरह बाहर रखा गया है। कंपनी ने यह बड़ा और रणनीतिक फैसला SEBI के नियमों के तहत न्यूनतम सार्वजनिक शेयरधारिता (Minimum Public Shareholding) की जरूरतों को पूरा करने के उद्देश्य से लिया है।
अलका इंडिया लिमिटेड ने इस बोनस इश्यू का लाभ किसे मिलेगा, इसे तय करने के लिए 8 मई 2026 को ‘रिकॉर्ड डेट’ घोषित किया है। इसका सीधा मतलब यह है कि जिन निवेशकों के डीमैट खाते में इस तय तारीख तक कंपनी के शेयर मौजूद होंगे, केवल वही निवेशक 6:1 बोनस शेयर का फायदा उठा सकेंगे और उन्हें ही इस बोनस इश्यू का असली हकदार माना जाएगा।
फिलहाल कंपनी की कुल शेयर पूंजी 50 लाख इक्विटी शेयरों की है। 6:1 बोनस इश्यू की प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह बढ़कर 65 लाख इक्विटी शेयर हो जाएगी। कंपनी की आर्थिक स्थिति भी इस बोनस इश्यू को लेकर मजबूत नजर आ रही है। 31 मार्च 2026 तक कंपनी के पास करीब 17.81 लाख रुपये का फ्री रिजर्व मौजूद है, जबकि इस पूरे बोनस इश्यू को लागू करने के लिए सिर्फ 15 लाख रुपये की जरूरत है। यानी कंपनी के पास इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए पर्याप्त फंड हैं।
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यह पूरा बोनस इश्यू प्लान SEBI के नियमों और रेगुलेशन 30 व 42 के तहत तैयार किया गया है। अगर सब कुछ तय नियमों और योजना के मुताबिक आगे बढ़ता है, तो एलिजबल निवेशकों के डीमैट खातों में बोनस शेयर 7 जून 2026 या उससे पहले क्रेडिट किए जा सकते हैं।
निवेशकों के नजरिए से देखें तो इस बोनस इश्यू से उनके पोर्टफोलियो में शेयरों की संख्या बढ़ेगी। साथ ही, बाजार में कंपनी के शेयरों की लिक्विडिटी यानी खरीद-बिक्री की आसानी में भी सुधार आने की उम्मीद है। खास बात यह है कि सार्वजनिक शेयरधारकों को प्रमोटरों से अलग रखते हुए इस तरह का फायदा देना बाजार में एक पॉजिटिव संकेत माना जाता है, जिससे छोटे निवेशकों का भरोसा और मजबूत हो सकता है।