facebookmetapixel
Advertisement
NDA कॉन्क्लेव में पीएम मोदी बोले, “मेरे लिए जनता ही भगवान का स्वरूप”महाराष्ट्र में प्याज मुद्दे पर बनाई गई सब कमेटी, 15 दिनों के अंदर सुझावों के साथ जमा करेंगी रिपोर्टग्लोबल सुस्ती के बीच फ्लेक्सी स्टाफिंग सेक्टर ने जोड़े 1.18 लाख नए रोजगारSEBI का बड़ा प्रस्ताव: AMC कर्मचारियों और फंड मैनेजर्स की सैलरी डिटेल्स नहीं होंगी सार्वजनिक?SEBI की मंजूरी के साथ MF कारोबार में उतरी Nuvama, SIF से करेगी शुरुआतGold ETFs में 13 महीने से जारी निवेश का सिलसिला टूटा, मई में निवेशकों ने निकाले ₹725 करोड़मई में Equity MFs में निवेश 40% घटा, 12 महीने का लो रिकॉर्ड; ₹30,954 करोड़ के साथ SIP इनफ्लो ने संभाली रफ्तारFD से ज्यादा रिटर्न का मौका? RBI के कदम के बाद बैंकों में ब्याज बढ़ाने की होड़भारत बना ग्लोबल इकॉनमी का ‘ब्राइट स्पॉट’, चंद्रशेखरन ने बताया क्यों दुनिया की नजरें यहीं टिकींWipro का सबसे बड़ा बायबैक गुरुवार से, 180 रुपये के शेयर पर 250 रुपये देने को तैयार कंपनी

लेखक : सोहिनी दास

आज का अखबार, उद्योग, कंपनियां, समाचार

कच्चे माल की बढ़ती लागत फार्मा फर्मों के लिए चुनौती

फार्मा उद्योग को लगता है कि वर्ष 2023 बढ़ती लागत, पेटेंट और नवोन्मष वाला होगा। सिप्ला की कार्यकारी वाइस-चेयरपर्सन और इंडियन फार्मास्युटिकल अलायंस (आईपीए) की उपाध्यक्ष समीना हमीद ने सोहिनी दास से वर्ष 2022 में उद्योग के रुझानों और भविष्य के बारे में बात की। संपादित अंश: कोविड-19 दवा कंपनियों के घरेलू कारोबार का अहम […]

विविध, स्टार्ट-अप, स्वास्थ्य

आईस्टेम का उत्पाद नेत्र रोगियों के लिए बनेगा उम्मीद की किरण!

अगर आईस्टेम का यह उत्पाद आईसाइट-आरपीई क्लीनिकल परीक्षण पूरा कर लेता है, तो जल्द ही ड्राई एएमडी के लिए यह उम्मीद की किरण साबित हो सकता है

आज का अखबार

नकली दवाओं पर हो रही सख्ती

फार्मा कंपनियां और राज्यों के दवा नियामक भारत में नकली और घटिया दवाओं के खतरे की जांच करने के लिए अपना दायरा बढ़ा रहे हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 2019-20 में 81,329 दवाओं के नमूनों की जांच की गई, जिनमें 2,497 मानक गुणवत्ता के नहीं थे और 199 को नकली करार दिया गया। इसी तरह […]

1 70 71 72
Advertisement
Advertisement