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लेखक : बीएस संपादकीय

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

Editorial: प्रतिगामी होगा परिवार बढ़ाना

भारत इस तथ्य से गौरवान्वित हो सकता है कि देश की कुल प्रजनन दर में गिरावट आई है और वह 1965 के प्रति महिला पांच बच्चों से कम होकर 2022 में 2.01 पर आ गई है। आपातकाल के दौर के 18 महीनों को छोड़ दिया जाए तो यह कमी नागरिक अधिकारों का किसी तरह दुरुपयोग […]

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Editorial: जीडीपी में तीव्र गिरावट के मायने

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) द्वारा गत सप्ताह जारी किए गए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के आंकड़ों ने विश्लेषकों को चौंका दिया। अधिकांश लोगों को यह अंदेशा तो था कि मांग में कमी जीडीपी में भी नजर आएगी लेकिन किसी ने यह नहीं सोचा था कि दूसरी तिमाही में अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर केवल 5.4 फीसदी […]

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Editorial: यूपीआई धोखाधड़ी का मुकाबला

बीते कुछ वर्षों में डिजिटल भुगतान लेनदेन में उल्लेखनीय इजाफा देखने को मिला है। बहरहाल, देश के डिजिटल भुगतान परिदृश्य में इस असाधारण वृद्धि के साथ ही धोखाधड़ी के मामलों में भी इजाफा हुआ है। केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने हाल ही में संसद के सामने जो आंकड़े पेश किए वे दिखाते हैं कि यूनिफाइड पेमेंट […]

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कैसी होगी ट्रंप की नई कैबिनेट?

फॉक्स न्यूज के पूर्व समाचार प्रस्तोता, वर्ल्ड रेसलिंग एंटरटेनमेंट के पूर्व मुख्य कार्या​धिकारी, हेज फंड प्रबंधकों, टीकाकरण के विरोधियों, जलवायु परिवर्तन को नकारने वालों, आव्रजन विरोधियों, बड़े कारोबारों के समर्थकों, अमेरिका प्रथम के हिमायतियों, रूढ़िवादी नीतिकारों और ईलॉन मस्क जैसे लोगों से सुसज्जित डॉनल्ड ट्रंप के कैबिनेट संबंधी चयन उनके ‘मेक अमेरिका ग्रेट अगेन’ के […]

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संपादकीय: प्रभावी आवागमन

ई-कॉमर्स कंपनियों सहित माल का बढ़ता आवागमन और प्राथमिक से अंतिम छोर तक बढ़ती आवाजाही भारतीय शहरों में बढ़ती भीड़, शोर और ध्वनि प्रदूषण के लिए जिम्मेदार हैं। शहरों में माल की आवाजाही के प्रबंधन और लॉजिस्टिक की लागत कम करने के लिए उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार (डीपीआईआईटी) विभाग ने महानगरों के लिए व्यापक […]

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Editorial: क्षमता केंद्रों को मिले सक्षम माहौल

बीते कुछ वर्षों में कारोबारी सेवा क्षेत्र में घटित कुछ अहम और उत्साहजनक घटनाओं में से एक है समग्र ‘वैश्विक क्षमता केंद्रों’ यानी जीसीसी का विकास जो बड़ी बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए मददगार साबित होते हैं। इनमें से कई भारत में स्थित हैं या उन्हें भारत में बनाने की योजना है। यह दर्शाता है कि […]

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Editorial: जलवायु वित्त पर असहमति, कॉप29 बैठक के कमजोर परिणाम

अजरबैजान की राजधानी बाकू में आयोजित कॉन्फ्रेंस ऑफ पार्टीज (कॉप29) की 29वीं बैठक एक ऐसी जलवायु वित्त बैठक के रूप में आयोजित हुई जहां ऐतिहासिक रूप से अधिक उत्सर्जन करने वाले विकसित देश विकासशील देशों के जलवायु अनुकूलन और उत्सर्जन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए 2025 के आगे की नई वित्तीय प्रतिबद्धता तय करने […]

आज का अखबार, संपादकीय

संपादकीय: एक बार फिर मुश्किल में अदाणी समूह

अदाणी समूह (Adani Group) एक बार फिर मुश्किल में है। इस बार एक्टिविस्ट शॉर्ट सेलर समूह हिंडनबर्ग रिसर्च की तुलना में कहीं अधिक विश्वसनीय स्रोत की ओर से समूह के खिलाफ आरोप लगाया गया है। गत वर्ष हिंडनबर्ग रिसर्च की एक रिपोर्ट के कारण बाजार में भूचाल आ गया था। वह रिपोर्ट अदाणी समूह की […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

Editorial: प्रक्रिया के बंदी

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि संविधान दिवस के दिन उन विचाराधीन कैदियों को रिहा किया जाएगा जिन्होंने अपराध की अधिकतम तय सजा का एक तिहाई हिस्सा जेल में काट लिया है। यह देश की भीड़ भरी जेलों में जगह बनाने का एक नेक प्रयास है। परंतु काफी कुछ इस बात पर […]

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Editorial: दबाव की अनदेखी नहीं

हाल के सप्ताहों में अर्थशास्त्र के कुछ विद्वानों ने कहा है कि भारत में आर्थिक गतिशीलता में धीमापन आ रहा है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के ताजा मासिक बुलेटिन में प्रकाशित आलेख ‘द स्टेट ऑफ इकॉनमी’ (अर्थव्यवस्था की स्थिति) को हालांकि रिजर्व बैंक के नजरिये का परिचायक नहीं माना जा सकता है लेकिन इसमें कहा […]

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