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लेखक : बीएस संपादकीय

आज का अखबार, संपादकीय

Editorial: निजी भागीदारी में हो इजाफा, हथियारों पर विदेशी मुद्रा खर्च कम करने की जरूरत

बीते तकरीबन पांच साल में देश की रक्षा खरीद नीति में ‘स्वदेशीकरण’ का बड़ा लक्ष्य तय किया गया। भारत समेत किसी भी देश में ऐसे प्रयास करने के लिए पर्याप्त वजह होती हैं। यह महत्त्वपूर्ण है, खासकर एक बढ़ती असुरक्षा वाले विश्व में जरूरी हथियारों और उन्हें चलाने वाले प्लेटफॉर्मों पर अधिकतम नियंत्रण आवश्यक है। […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

Editorial: 2080 तक दुनिया की आबादी 10 अरब, विकास के लिए सीमित संभावनाएं

संयुक्त राष्ट्र ने गत सप्ताह विश्व जनसंख्या संभावना रिपोर्ट जारी की। इस रिपोर्ट में व्यापक तौर पर वैश्विक जनांकिकी के भविष्य की राह समेत कई अनुमान जताए गए हैं तथा चुनिंदा देशों और क्षेत्रों को लेकर भविष्यवाणी की गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनिया की आबादी में इजाफा जारी रहेगा और 2080 […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

Editorial: विकास का सूचकांक, सुधार के बावजूद चुनौतियां बरकरार

सरकारी थिंक टैंक नीति आयोग ने अपने ताजा सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) भारत सूचकांक में एक उम्मीद भरी तस्वीर पेश की है। सूचकांक में भारत को 100 में से समग्र रूप से 71 अंक मिले हैं जबकि 2021 में उसे 66 तथा आधार वर्ष 2018 में 57 अंक प्राप्त हुए थे। यह रिपोर्ट 113 अलग-अलग […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

Editorial: नाटो की 75वीं वर्षगांठ, परीक्षा की घड़ी

वॉशिंगटन में आयोजित उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित शिखर सम्मेलन में तीन मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद थी। परंतु वहां चीन का मुद्दा ही केंद्र में रहा। यह बात शिखर बैठक के बाद की गई घोषणा में भी नजर आई जहां चीन का अभूतपूर्व जिक्र देखने को […]

आज का अखबार, संपादकीय

संपादकीय: गरीबी से निजात

हाल के वर्षों के विभिन्न अनुमानों से यह संकेत मिलता है कि देश में गरीबी के स्तर में काफी कमी आई है। अगर गरीबी के दायरे में आने वाले परिवारों को बचाया जा सका तो परिणाम और बेहतर होंगे। नैशनल काउंसिल फॉर एप्लाइड इकनॉमिक रिसर्च ने इस बारे में एक नया शोध पत्र प्रकाशित किया […]

आज का अखबार, लेख

संपादकीय: देश में रोजगार की स्थिति

देश की अर्थव्यवस्था (Economy) में रोजगार (Job) और आय हमेशा से अहम मुद्दे रहे हैं। रोजगार एक जरूरी राजनीतिक मुद्दा है और सरकारों का पर्याप्त रोजगार तैयार नहीं कर पाना उन्हें चुनावों में नुकसान पहुंचा सकता है। इस संबंध में भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी केएलईएमएस (पूंजी, श्रम, ऊर्जा, पदार्थ और सेवा) डेटाबेस एक नई […]

आज का अखबार, संपादकीय

संपादकीय: किसानों को सक्षम बनाना

कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने हाल ही में किसान उत्पादक संगठनों (FPO) को लेकर राष्ट्रीय मसौदा नीति जारी की। इसका लक्ष्य मौजूदा एफपीओ को मजबूत बनाना और नए एफपीओ के निर्माण और उन्हें प्रोत्साहन देने का काम करना है। एक ऐसी व्यवस्था तैयार करने का इरादा है जहां बेहतर आय दिलाने वाली खेती और […]

आज का अखबार, संपादकीय

संपादकीय: उपभोक्ताओं का सशक्तीकरण

गत सप्ताह एक स्वागतयोग्य घटनाक्रम में भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने खाद्य संरक्षा एवं मानक (लेबलिंग और प्रदर्शन) नियमन 2020 को मंजूरी प्रदान कर दी। इसके तहत खाद्य पदार्थों में नमक, शक्कर और संतृप्त वसा (सैचुरेटेड फैट) के बारे में मोटे अक्षरों में जानकारी देनी होगी। ऐसा नहीं है कि पैकेटबंद खाद्य […]

आज का अखबार, संपादकीय

संपादकीय: जारी हों जीएसटी के आंकड़े

जून 2024 में वस्तु एवं सेवा कर (GST) का कुल संग्रह 1.74 लाख करोड़ रुपये रहा जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 7.7 फीसदी अधिक है। परंतु इस जानकारी को सामान्य तरीके से यानी ब्योरों के साथ प्रेस विज्ञप्ति की मदद से नहीं जारी किया गया। इस बार कर संग्रह के आंकड़ों […]

आज का अखबार, लेख

पर्यावरण के अनुकूल बदलाव की राह में जटिलताएं

जीवाश्म ईंधन पर कर में कमी आने के बीच नया राजस्व उत्पन्न करने के क्षेत्र में नाकामी भारत की आर्थिक संभावनाओं के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है। बता रहे हैं लवीश भंडारी अब जबकि जलवायु परिवर्तन की जटिलताएं सामने आने लगी हैं और भारत कम कार्बन उत्सर्जन तथा अपेक्षाकृत हरित अर्थव्यवस्था की दिशा में […]

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