facebookmetapixel
Advertisement
Ambuja Cements Share: कमजोर Q1 नतीजों के बावजूद ब्रोकरेज बुलिश, BUY रेटिंग बरकरार; ₹568 तक टारगेटक्या UPI, NEFT या RTGS से पैसे भेजने पर भी आ सकता है Income Tax का नोटिस?Anti Paper Leak Bill 2026: लोकसभा से पास एंटी पेपर लीक बिल, दोषियों को 10 साल की जेल और ₹50 लाख जुर्मानाCWG 2026: भारत को अब तक 2 स्वर्ण, 7 रजत पदक मिले; पदक तालिका में 9वें स्थान परITR e-Verification: रिटर्न फाइल करने के 30 दिनों के भीतर जरूर कर लें वेरिफिकेशन, जानें 5 आसान तरीकेFD Rates: सीनियर सिटीजन को मिल रहा 8.5% तक ब्याज, जानिए किस बैंक में मिल रहा सबसे ज्यादा रिटर्नविजय केडिया, मधुसूदन केला या आशीष धवन… जुलाई में किसके पोर्टफोलियो ने दिया सबसे ज्यादा रिटर्न?Indo-MIM IPO Listing: 72 गुना सब्सक्रिप्शन, अब लिस्टिंग पर कितनी होगी कमाई? GMP ने दिया बड़ा संकेतAdani Ent Q1FY27 Results: OFAC समझौते के खर्च से अदाणी एंटरप्राइजेज ₹1,160 करोड़ के घाटे मेंSBI ने AT-1 बॉन्ड से जुटाए ₹4,691 करोड़, 7.75% कूपन पर निवेशकों का जबरदस्त भरोसा

लेखक : बीएस संपादकीय

आज का अखबार, लेख

रीपो रेट में अप्रत्याशित ठहराव

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति ने इस वित्त वर्ष की अपनी पहली बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया कि रीपो दरों में बदलाव नहीं किया जाएगा और उन्हें 6.50 फीसदी पर बरकरार रहने दिया गया। उसके इस निर्णय ने बाजार को चौंका दिया है। अधिकांश बाजार प्रतिभागियों ने, जिनमें इस समाचार […]

आज का अखबार, लेख

क्षमता में सुधार

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियों (एएमसी) के अनुपालन का बोझ कम करने के लिए केवल म्युचुअल फंड और एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) की पेशकश का जो प्रस्ताव रखा है वह एक व्यावहारिक निर्णय तो है ही, साथ ही इस श्रेणी के विस्तार के क्षेत्र में भी वह बड़ा बदलाव लाने […]

आज का अखबार, लेख

नीतिगत समीक्षा: दरों के मोर्चे पर सीमित विकल्प

मई 2022 की शुरुआत में प्रारंभ हुई मौजूदा चक्र की पहली दर वृद्धि के बाद से इस सप्ताह होने वाली वित्त वर्ष 2024 की पहली मौद्रिक नीति की समीक्षा शायद भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास के लिए सबसे कठिन होगी। पिछले साल मई में भारत के केंद्रीय बैंक ने मौद्रिक नीति समिति […]

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार, लेख

भारतीय अर्थव्यवस्था : अनिश्चितता का असर

विश्व बैंक और एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने मंगलवार को वृद्धि के नए अनुमान पेश किए। उम्मीद के मुताबिक ही दोनों अनुमान इस बात को रेखांकित करते हैं कि 2023-24 में भारतीय अर्थव्यवस्था में मंदी आएगी। विश्व बैंक के अनुमानों के मुताबिक भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 6.3 फीसदी होगी जबकि एडीबी का अनुमान है […]

आज का अखबार, लेख

मुद्रास्फीति : आरबीआई की जारी है लड़ाई 

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति इस सप्ताह जब नए वित्त वर्ष की पहली बैठक में मिलेगी तो उसे मुद्रास्फीति से जुड़े अनुमानों और नीतिगत प्रतिक्रिया का समायोजन करना होगा। अपनी पिछली बैठक में एमपीसी ने अनुमान जताया था कि जनवरी-मार्च तिमाही में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति की दर 5.7 फीसदी रही। […]

आज का अखबार, लेख

विदेश व्यापार नीति जारी, कार्य प्रगति पर

केंद्रीय उद्योग एवं वाणिज्य मंत्रालय ने अपनी नई विदेश व्यापार नीति (एफटीपी 23) जारी कर दी है। इससे पिछली विदेश व्यापार नीति 2015 में जारी की गई थी और माना जा रहा था कि वह 2020 तक काम आएगी। इसके बाद कोई नीति जारी नहीं की गई और दलील दी गई कि महामारी के कारण […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

हरियाली की दीवार

कई वर्षों तक चली चर्चाओं के पश्चात आ​खिरकार सरकार ने गुजरात, राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली तक विस्तारित अरावली पर्वत श्रृंखलाओं में पांच किलोमीटर चौड़ी हरियाली की पट्टी बनाने की भव्य परियोजना शुरू कर दी है। ऐसा भूमि के मरुस्थलीकरण और अपघटन से निपटने के लिए किया जा रहा है। अरावली को दुनिया की सबसे पुरानी […]

आज का अखबार, लेख

नियमन पर नजर

भारत के वै​श्विक आ​र्थिक मंदी से बेहतर ढंग से निपटने की संभावनाओं को लेकर एक वजह यह बताई जा रही है कि बीते कुछ वर्षों के दौरान हमारे बैंकों की बैलेंस शीट में काफी सुधार हुआ है। यह इसलिए संभव हुआ कि नियामकीय निगरानी अपेक्षाकृत सख्त रही और बैकों ने भी अपनी बैलेंस शीट को […]

आज का अखबार, लेख

स्पेक्ट्रम आवंटन : दूर हो नीति का अभाव

देश के निजी क्षेत्र ने लंदन ​स्थित मुख्यालय वाली कंपनी वनवेब के रूप में अंतरिक्ष संचार के क्षेत्र में अच्छी शुरुआत की है। यह भारती एंटरप्राइजेज और यूनाइटेड किंगडम की सरकार का संयुक्त उपक्रम है जिसने गत रविवार को अंतरिक्ष की कक्षा में 618 उपग्रहों को स्थापित करने का काम पूरा कर लिया। नि​श्चित तौर […]

आज का अखबार, भारत, लेख

शहरी भारत का निर्माण

यह बात पूरी तरह स्वीकार्य है कि भारत को अपने नागरिकों को बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने और बुनियादी ढांचे में सुधार करने के लिए बहुत भारी निवेश की आवश्यकता है। निवेश की आवश्यकता आने वाले वर्षों में और बढ़ेगी क्योंकि बहुत बड़ी तादाद में लोग शहरी इलाकों का रुख करेंगे और शहरीकरण की प्रक्रिया भी […]

1 100 101 102 103 104 110
Advertisement
Advertisement