सुहाग उजड़ने के बाद बदरंग जिंदगी जी रही विधवाओं को मुख्यधारा में लाने के लिये अनेक कार्यक्रम आयोजित कर चुके गैर सरकारी संगठन सुलभ इंटरनेशनल ने एक नयी पहल के तहत इन महिलाओं को फोटोग्राफी का प्रशिक्षण देने के लिये कार्यशाला आयोजित की, जिसका आज समापन हुआ।
सुलभ इंटरनेशनल के संस्थापक बिन्देश्वरी पाठक ने बताया, पहले चरण में 25 विधवा महिलाओं ने फोटोग्राफी का प्रशिक्षण लिया है, जिनमें से ज्यादातर की उम्र 70 साल से अधिक है। यह वृंदावन की इन विधवाओं में जिजीविषा पैदा करने तथा उनमें आत्मविश्वास भरने की एक और कोशिश है।
उन्होंने बताया कि सुलभ इंटरनेशनल के तत्वावधान में दिल्ली के कुछ चर्चित फोटोग्रारों की मदद से एक सप्ताह तक आयोजित कार्यशाला की समाप्ति पर इन विधवाओं ने अपने द्वारा खींची गयी वृंदावन के लोकाचार और सामान्य कार्यकलापों में छुपे दर्शन को खोजती तस्वीरों का इस्तेमाल करके चार पृष्ठों के अखबार भी निकाले, जिनके नाम वृंदावन खबर, चैतन्य जागरण, लीलाकुंज खबर और राधा वाणी इत्यादि रखे गये।
पाठक ने बताया कि उनकी संस्था इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में विधवाओं द्वारा खींची गयी तस्वीरों की दिल्ली में जल्द ही प्रदर्शनी भी लगाकर ऐसी महिलाओं की कला को दुनिया के सामने और व्यापक ढंग से रखने का प्रयास करेगी।
दशकों से अंधकारमय जीवन जी रही इन विधवाओं को सुलभ ने हाल ही में दीपावली के त्यौहार मनवाकर अपने जीवन में खुशियां भरने का एक मौका दिया था।