वाशिंगटन, 19 नवंबर :भाषा: अमेरिका में पूर्व पाकिस्तानी राजदूत हुसैन हक्कानी ने कहा है कि पाकिस्तान ने हमेशा अपनी सेना को भारत के साथ बराबरी में लाने के लिए मजबूत किया और बराबरी की उसकी यही कोशिश उनके देश की आंतरिक शिथिलता के लिए आंशिक तौर पर जिम्मेदार है।
हक्कानी ने कहा कि आजादी के बाद से ही पाकिस्तानी नेतृत्व ने अपनी सेना को भारत के बराबर लाने का प्रयास किया।
उन्होंने कहा, बराबरी की यही कोशिश पाकिस्तान की आंतरिक शिथिलता के लिए आंशिक तौर पर जिम्मेदार है।
हक्कानी ने कहा कि साल 1947 में खासतौर पर भारतीयों ने बंटावारे के विचार का समर्थन नहीं किया था और शायद आज भी वे बंटवारे के विचार को पसंद नहीं करते।
उन्होंने अपनी नयी पुस्तक मैग्नीफिसेंट डिल्यूसंस में कहा, मैं नहीं समझता कि भारत फिलहाल पाकिस्तान को अपने नियंत्रण में लेना चाहेगा क्योंकि वे अतिरिक्त समस्यायंे मोल नहीं लेना चाहते।
उनकी यह पुस्तक हाल ही में बाजार में आई है। हक्कानी ने कहा कि पाकिस्तान को व्यापार और आर्थिक मुद्दों पर जोर देना चाहिए।