लॉर्ड पॉल ने यहां भारत ब्रिटेन रिश्ते-आगे की राह विषय पर भारत से जुड़ा व्याख्यान देते हुए कहा कि अब महत्वपूर्ण देशांे के छात्र कनाडा, आस्ट्रेलिया और अमेरिका के विश्वविद्यालयांे का रख कर रहे हैं। उन्हांेेने कहा कि ब्रिटेन को अब अंतरराष्ट्रीय छात्रांे के लिए गैर दोस्ताना देश माना जाने लगा है और हम अंतरराष्ट्रीय बाजार मंंे अपनी स्थिति गंवा रहे हैं।
लॉर्ड पॉल ने कल रात कहा, यदि ब्रिटेन को प्रमुख अंतरराष्ट्रीय ताकत के रूप में अपना स्थान कायम रखना है, तो हमंे दुनियाभर के छात्रांे का स्वागत करना होगा। यदि हम ऐसा नहीं करते हैं, तो हम अपना प्रभाव व प्रतिस्पर्धी स्थान गंवा देंगे।
ब्रिटेन के दो विश्वविद्यालयांे...वॉवरहैम्पटन तथा वेस्टमिंस्टर के चांसलर लॉर्ड पॉल ने कहा कि छात्र वीजा नीति मंे बदलाव का मुख्य उद्देश्य अधिक प्रतिभाशाली छात्रांे को ब्रिटेन के लिए आकर्षित करना है। लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
लॉर्ड पॉल ने ब्रिटेन की वीजा नीति मंे बदलाव की ऐसे समय आलोचना की है जबकि कल ही कैमरन ने कहा था कि भारतीय छात्रांे के उनके देश मंे आने के लिए संख्या का प्रतिबंध नहीं है।।