मिष्ठान व्यवसायी सहकारी मंडल ने बृहन्मुंबई नगर निगम :बीएमसी: द्वारा मिठाइयों पर चांदी के बर्क पर पाबंदी लगाने के लिए जारी 24 अक्तूबर के सर्कुलर पर रोक लगाने की मांग की थी।
अंतरिम राहत देने से इनकार करते हुए न्यायमूर्ति एस सी धर्माधिकारी और न्यायमूर्ति गौतम पटेल ने कहा, बीएमसी कुछ शर्तों के साथ लाइसेंस जारी करता है और उसे रोकथाम का अधिकार है। अगर नगर निगम को शर्तों के उल्लंघन का पता चलता है तो उसे व्यापक जनहित में इस पर रोक लगाने का पूरा पूरा अधिकार है।
बीएमसी के वकील सुरेश पकाले और तृप्ति पुराणिक ने दलील दी थी कि निगम ने मिठाइयों पर चांदी के बर्क पर पूरी तरह रोक नहीं लगाई है। सेहत के कारणों से चांदी के बर्क के इस्तेमाल पर नियंत्रण रखा गया है।
पकाले ने कहा, ऐसे व्यवसायी हैं जो चांदी के अलावा अन्य पदार्थों का इस्तेमाल करते हैं। जो लोगों की सेहत के लिए नुकसानदेह है।
याचिकाकर्ताओं की वकील अंजलि यजुर्वेदी ने दावा किया कि आम जनता के बीच घबराहट पैदा करने के लिए दिवाली से ऐन पहले सर्कुलर जारी किया गया है।
उच्च न्यायालय ने कहा कि वह याचिका के सभी पहलुओं पर दिवाली की छुट्टियों के बाद सुनवाई के दौरान विचार करेगा। इस बीच सर्कुलर पर रोक लगाने के लिए अंतरिम राहत देने से इंकार कर दिया गया।