एक व्यक्ति ने मोहनलाल को उपहार स्वरूप वह कैमरा देने पर केरल राज्य फिल्म विकास निगम के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाया था और अभिनेता ने कैमरा लौटाने की इच्छा जतायी थी।
लेकिन निगम के अध्यक्ष साबू चेरियन ने इस पेशकश को स्वीकार करने से इंकार करते हुए कहा कि इस मामले में अनावश्यक रूप से विवाद पैदा किया जा रहा है।
चेरियन ने पीटीआई से कहा कि इस मामले में अनावश्यक रूप से विवाद पैदा किया जा रहा है क्योंकि वह कैमरा न तो काम करने की स्थिति में है और न ही उसका ऐसा कोई प्राचीन महत्व है।
चेरियन ने कहा कि वह कैमरा निगम के पास था और अभिनेता की उस कैमरे से जुड़ी भावना को देखते हुए उन्हें वह कैमरा उपहार स्वरूप दे दिया गया। उन्होंने कहा कि मोहनलाल ने उस कैमरा के बदले दूसरा कैमरा निगम को सौंपा था जो काम करने की स्थिति में है।
इस कैमरे को लौटाने की मोहनलाल की पेशकश को स्वीकार करने से इंकार करते हुए चेरियन ने कहा कि अब यह बंद अध्याय है।
भाषा