नीतीश ने केन्द्रीय वित्त मंत्री पी. चिदंबरम को भेजे पत्र में रघुराम राजन समिति की रिपोर्ट पर अमल करने का आग्रह किया है। पत्र में उन्होंने लिखा है कि केन्द्रीय प्रायोजित योजनाओं में केन्द्र और राज्यों के हिस्से का अनुपात जिस प्रकार मौजूदा विशेष श्रेणी वाले राज्यों के लिये रखा गया है, अल्प विकसित राज्यों के लिये भी यही व्यवस्था की जानी चाहिये।
विशेष श्रेणी का दर्जा प्राप्त राज्यों को मौजूदा व्यवस्था के तहत केन्द्र प्रायोजित योजनाओं में केवल 10 प्रतिशत हिस्सा देना होता है जबकि शेष 90 प्रतिशत राशि केन्द्र सरकार खर्च करती है। विशेष श्रेणी के राज्यों में योजना के तहत आवंटित कोष समाप्त भी नहीं होता है।
नीतीश कुमार ने चिदंबरम से अतिरिक्त वित्तीय आवश्यकता को पूरा करने के लिये योजना आयोग को अतिरिक्त सकल बजटीय सहायता देने को भी कहा है। उन्होंने विशेष श्रेणी का दर्जा प्राप्त राज्यों में निजी क्षेत्र के निवेश को बढ़ावा देने के लिये अपनाये गये कर रियायतों के उपायों को अल्प विकसित राज्यों को भी दिये जाने का आग्रह किया।
दरअसल, नीतीश कुमार काफी समय से बिहार को विशेष श्रेणी का दर्जा दिये जाने की वकालत करते रहे हैं। राज्य को यह दर्जा मिलने से केन्द्र से अधिक वित्तीय सहायता प्राप्त होगी और उसका तेजी से विकास हो सकेगा। कुमार ने कहा कि यह काम अगले छह सप्ताह के भीतर कर दिया जाना चाहिये।
राजन समिति की रिपोर्ट में बिहार को अल्पविकसित राज्य बताया गया है। रिपोर्ट में अल्पविकसित राज्यों को अधिक सहायता देने की सिफारिश की गई है और उनके प्रदर्शन के आधार पर इसे बढ़ाने का सुझाव दिया गया है। नीतीश ने इस रिपोर्ट का स्वागत किया है।
भाषा
नननन