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चारा घोटाला सजा : वीडियो कांफ्रेंसिग से झारखंड में सजा सुनाने का पहला मामला

PTI

- October,03 2013 4:33 PM IST

देश की जेलों एवं अदालतों को इलेक्ट्रानिक माध्यम से जोड़ने की योजना शुरू की गई और इसी के तहत रांची की अदालत में वीडियो कांफ्रेंसिंग की सुविधा उपलब्ध करायी गई है।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, आने वाले समय में देश की करीब 2000 अदालतों में वीडियो कांफ्रेंसिंग की सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी।

मुम्बई पर 26:11 आतंकी हमला मामले में एकमात्र जीवित आतंकी अजमल कसाब की मौत की सजा की पुष्टि बम्बई उच्च न्यायालय ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये की थी।

झारखंड में वीडियो कांफेंसिंग 23 मई 2012 को शुरू की गई थी तब 2009 के देवघर बलात्कार मामले की सुनवाई हुई थी।

चंडीगढ के बुडैल जेल कांड मामले में भी सुनवाई वीडियो कांफ्रंेसिंग के माध्यम से हुई जिसके लिए तिहाड़ जेल और चंडीगढ़ जिला अदालत में वीडियो लिंग स्थापित किया गया। जहां तक साक्ष्य का सवाल है, उच्चतम न्यायालय ने हाल ही में कहा कि वीडियो कांफ्र्रेंसिंग के माध्यम से साक्ष्य प्राप्त किये जा सकते हैं।

लिवरपुल एंड लंदन स्टीमशिप प्रोटेक्शन एंड इंडेमनिटी एसोसिएशन लिमिटेड बनाम वी एस सी सक्सेस एंड अनोर :2005: मामले में बम्बई उच्च न्यायालय ने वादी को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से गवाही देने की अनुमति प्रदान की थी क्योंकि गवाह ब्रिटेन में अपने दो छोटे छोटे बच्चों के साथ रहती थी और भारत आने में असमर्थ थी।

बोडाला मुरली कृष्ण बनाम श्रीमती बोडाला प्रतिमा :2007: मामले में आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय ने एक अमेरिकी को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये गवाही देने की अनुमति दी थी।

भाषा दीपक

नननन

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