निगम सूत्रों ने पीटीआई से कहा, इस हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 25 पहुंच गई है और 32 लोग घायल हुए हैं।
उन्होंने कहा कि मलबे में अभी और लोगों के दबे होने की आशंका है।
हालांकि मृतकों की अभी तक पहचान नहीं हो पायी है। वहीं घायलों को सरकारी जेजे अस्पताल और नैयर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
इस हादसे में मरने वालों की संख्या कल रात तक 13 थी, जिसके एक ही परिवार के तीन सदस्य भी शामिल थे।
हादसे के बाद भारी मशीनों ने जब कंक्रीट के विशालकाय टुकड़ों को हटाना शुरू किया और बचावकर्मियों ने इमारत के मलबे मंे मृतकों या जीवित बचे लोगों की तलाश शुरू की तो लापता लोगों के परिजन रो पड़े।
30 साल पुरानी इस इमारत में करीब 21 परिवार रह रहे थे जो बीएमसी के किरायेदार थे।
इमारत को सी-2 श्रेणी में रखा गया था, जिसका मतलब इसकी तुरंत मरम्मत की जरूरत थी।
यह इमारत मझगांव इलाके मंे बाबू गेनु बाजार के पास ब्रह्मदेव खोट मार्ग पर स्थित है, जो हार्बर रेलवे लाइन पर डाकयार्ड रोड रेलवे स्टेशन के निकट है।
बचाये गए लोगों में अनीष कदम :10:, दीप्तेश कदम :16:, हबीब शेख :22:, तौकीर शेख :22:, हारून शेख :24: और अजय चेंदवनकर :40: हैं।
जारी भाषा