अतिरिक्त मुख्य सचिव :गृह: एस के नंदा ने आज प्रेस ट्रस्ट को बताया, डी जी वंजारा द्वारा दिया गया इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया है।
हालांकि उन्होंने इस्तीफे को नामंजूर किए जाने के पीछे के कोई विशेष कारण नहीं बताए। गुजरात सरकार का फैसला साफ तौर पर अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों द्वारा इस्तीफा दिए जाने के संबंध में कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों से प्रभावित है।
कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग द्वारा इस्तीफे पर विचार करने के लिए 16 अगस्त 2011 को जारी दिशा-निर्देशों में कहा गया है, आम तौर पर सेवा के सदस्य गंभीर चूक के मामलों में ही निलंबित किए जाते हैं। सेवा के निलंबित सदस्य का इस्तीफा स्वीकार करना सही नहीं होगा।
दिशा-निर्देश राज्य द्वारा इस्तीफा को स्वीकार करने के लिए केंद्र में सक्षम प्राधिकार को भेजे जाने से पहले सतर्कता मंजूरी का भी प्रावधान करता है।
जारी :भाषा