सरकार ने आज बताया कि पिछले करीब तीन वर्षो के दौरान देश में चीनी मिलों पर किसानों को गन्ना के देय राशि का 1752.74 करोड़ रूपया भुगतान बकाया है।
लोकसभा में सुरेश काशीनाथ तावड़े और योगी आदित्यनाथ के एक प्रश्न के लिखित उत्तर में उपभोक्ता, खाद्य एवं सार्वजनिक विमरण मंत्री के वी थामस ने कहा कि इसमें किसानों की सबसे अधिक 691.46 करोड़ रूपये की राशि उत्तर प्रदेश के चीनी मिलों पर बकाया है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक तमिलनाडु की चीनी मिलों पर किसानों का 313.46 करोड़ रूपये, उत्तराखंड में 194.69 करोड़ रूपये और आंध्र प्रदेश में 154.15 करोड़ रूपये बकाया है।
कर्नाटक में 98.08 करोड़ रूपये, बिहार में 82.99 करोड़ रूपये तथा महाराष्ट्र में 69.81 करोड़ रूपये बकाया है।
थामस ने कहा कि गन्ना नियंत्रण आदेश 1966 के तहत 14 दिनों के बाद भुगतान में जितनी देरी होगी, बकाया राशि पर 15 प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से ब्याज के भुगतान का प्रावधान है। इस प्रावधान को लागू करने की शक्तियां राज्य सरकारों और संघशासित क्षेत्रों को दी गई है।