Gold-Silver Outlook: सोना और चांदी ने 2025 में तोड़े सारे रिकॉर्ड, 2026 में आ सकती है और उछालYear Ender: 2025 में आईपीओ और SME फंडिंग ने तोड़े रिकॉर्ड, 103 कंपनियों ने जुटाए ₹1.75 लाख करोड़; QIP रहा नरम2025 में डेट म्युचुअल फंड्स की चुनिंदा कैटेगरी की मजबूत कमाई, मीडियम ड्यूरेशन फंड्स रहे सबसे आगेYear Ender 2025: सोने-चांदी में चमक मगर शेयर बाजार ने किया निराश, अब निवेशकों की नजर 2026 पर2025 में भारत आए कम विदेशी पर्यटक, चीन और दक्षिण-पूर्व एशिया वीजा-मुक्त नीतियों से आगे निकलेकहीं 2026 में अल-नीनो बिगाड़ न दे मॉनसून का मिजाज? खेती और आर्थिक वृद्धि पर असर की आशंकानए साल की पूर्व संध्या पर डिलिवरी कंपनियों ने बढ़ाए इंसेंटिव, गिग वर्कर्स की हड़ताल से बढ़ी हलचलबिज़नेस स्टैंडर्ड सीईओ सर्वेक्षण: कॉरपोरेट जगत को नए साल में दमदार वृद्धि की उम्मीद, भू-राजनीतिक जोखिम की चिंताआरबीआई की चेतावनी: वैश्विक बाजारों के झटकों से अल्पकालिक जोखिम, लेकिन भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूतसरकार ने वोडाफोन आइडिया को बड़ी राहत दी, ₹87,695 करोड़ के AGR बकाये पर रोक
अन्य समाचार मीरवाइज ने भारत पाक वार्ता का किया स्वागत
'

मीरवाइज ने भारत पाक वार्ता का किया स्वागत

PTI

- July,14 2012 5:23 AM IST

हुर्रियत कांफ्रेंस के उदारवादी धड़े के नेता मीरवाइज उमर फारूक ने भारत पाकिस्तान विदेश सचिव स्तर की वार्ता का आज स्वागत किया और कहा कि कश्मीर मुद्दे के हल के लिए वार्ता प्रक्रिया में तेजी की जरूरत है ।

शहर की जामा मस्जिद में शुक्रवार की सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, भारत और पाकिस्तानी विदेश सचिवों ने नयी दिल्ली में मुलाकात की और हुर्रियत नेतृत्व ने भी पाकिस्तानी विदेश सचिव के साथ विस्तृत बैठक की ।

फारूक ने कहा, हमें खुशी है कि दोनों देशों ने वार्ता प्रक्रिया को आगे बढाने का फैसला किया है।

उन्होंने कहा कि अलगाववादी मंच ने भी कश्मीर मुद्दे के समाधान के लिए वार्ता के आगे बढने का स्वागत किया है ।

फारूक ने कहा, लेकिन हमें लगता है कि कश्मीर मुद्दे के हल के लिए प्रक्रिया में तेजी लाने की जरूरत है और इसके मुताबिक कदम उठाए जाने चाहिए ।

हुर्रियत अध्यक्ष ने कहा कि दोनों देशों के नेतृत्व को कश्मीर मुद्दे के हल के लिए राजनीतिक पहल करनी चाहिए ।

इस्राइली सैलानियों को कश्मीर घाटी में आने के लिए लुभाने की सरकारी योजना पर उन्होंने कहा, हम सैलानियों के खिलाफ नहीं है लेकिन सरकार को मुस्लिमों की संवेदनाओं का ख्याल रखना चाहिए ।

संबंधित पोस्ट