बचाव दल ने कल कठिन प्रयासों से पनडुब्बी पर तैनात कुल 18 नौसैनिकों में से 5 के बुरी तरह सड़े गले शव बरामद किए थे। नौसैन्य अधिकारियों ने पनडुब्बी पर तैनात अन्य नाविकों के भी विस्फोट में मारे जाने की आशंका जताई थी।
नौसेना की ओर से जारी एक विग्यप्ति में कहा गया, गोताखोर कल रात दोबारा पनडुब्बी तक पहुंचे और उन्होंने बलपूर्वक पिछले दरवाजे को खोला। यह रास्ता पूरी तरह से डूब गया था और अत्यधिक तापमान की वजह से जाम हो गया था। विग्यप्ति में इस अभियान को चुनौतीपूर्ण और बेहद जोखिम भरा बताया।
इसमें कहा गया कि आगे के जाम हुए रास्ते को खोलने के लिए कोशिश की जा रही है ताकि पनडुब्बी के अग्रभाग से इसमें प्रवेश किया जा सके।
सूत्रों ने कहा कि नौसेना के गोताखोर पनडुब्बी में शून्य दर्शनीयता की वजह से इसके एक-एक इंच जितनी जगह पर तलाश कर रहे हैं ताकि लापता नौसैनिकों का पता लगाया जा सके और आगे के बचाव अभियान के लिए संभावित रास्ते की पहचान की जा सके।
एक रक्षा प्रवक्ता ने कहा कि अब तक बरामद पांच शवों के डीएनए परीक्षण समेत सभी परीक्षण किए जा रहे हैं।
जारी भाषा