निखिल ने पीटीआई से कहा, यह संग्रह मेरे दिल के करीब है क्योंकि मैंने इसके लिए अपनी दादी के स्टाइल से प्रेरणा ली है। मेरी दादी सिल्क की साडि़यां पहनती थीं और बिंदी लगाती थीं।
निखिल ने फैशन डिज़ाइनिंग का कोई औपचारिक प्रशिक्षण नहीं लिया है और न ही वह इस उद्योग की पृष्ठभूमि से संबंधित हैं। लैक्मे फैशन वीक में वह अंतरराष्ट्रीय और भारतीय संग्रह का मिश्रण पेश करेंगे।
उन्होंने कहा कि उन्होंने फैशन को ध्यान में रखते हुए हर डिज़ाइन व्यापार और उसे पहने जाने की उपयोगिता को दिमाग में रखकर बनाया है।
पांच दिवसीय लैक्मे फैशन वीक 23 अगस्त से आरंभ हेागा।
निखिल ने कहा कि वह शोस्टॉपर रखने में विश्वास नहीं करते क्योंकि वह केवल फैशन पर ध्यान देना चाहते हैं।
भाषा
नननन