उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) के सिंगापुर और जापान दौरे में 2.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जबकि 1.5 लाख करोड़ रुपये के एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं।मुख्यमंत्री योगी का इन दोनों देशों का चार दिवसीय दौरा निवेश, तकनीक और वैश्विक साझेदारी के लिहाज से काफी सफल रहा है।
जापान में आयोजित निवेश संवाद के दौरान प्रदेश सरकार को हजारों करोड़ रुपये के एमओयू और निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। जिन प्रमुख कंपनियों के साथ एमओयू हुए, उनमें कुबोटा कॉरपोरेशन, स्पार्क मिंडा (सहयोग में टोयो डेन्सो), जापान एविएशन इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री और नागासे ऐंड कंपनी लिमिटेड शामिल हैं। वहीं बी2जी बैठक में सुजुकी मोटर कॉरपोरेशन, होंडा कार्स इंडिया लिमिटेड, कोनोइके ट्रांसपोर्ट कंपनी लिमिटेड, मित्सुई एंड कंपनी लिमिटेड, रैपिडस कॉरपोरेशन, मारुबेनी कॉरपोरेशन, सुमितोमो रियलिटी ऐंड डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड और एमयूएफजी बैंक जैसी दिग्गज कंपनियों ने सहभागिता की। इन कंपनियों के प्रमुख निवेश क्षेत्र कृषि मशीनरी, ऑटो ओईएम व उपकरण, ऑटो आरऐंडडी, सेमीकंडक्टर, डाटा सेंटर, ग्रीन हाइड्रोजन, पावर-टू-गैस, कंप्रेस्ड बायो गैस, ईएसडीएम, लॉजिस्टिक्स एवं वेयरहाउसिंग रहे।
जापान दौरे में हरित ऊर्जा सहयोग को बढ़ावा देते हुए यूनिवर्सिटी ऑफ यामानाशी, यामानाशी हाइड्रोजन कंपनी, आईआईटी कानपुर, हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी, आईआईटी बीएचयू और मदन मोहन मालवीय यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नॉलजी के सहयोग से ग्रीन हाइड्रोजन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने की घोषणा की गई।
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में 500 एकड़ में ‘जापान सिटी’ विकसित की जाएगी, जहां जापानी कंपनियों के लिए समर्पित औद्योगिक वातावरण तैयार होगा। इसके अलावा ओईएम एवं कंपोनेंट निर्माताओं के लिए डेडिकेटेड ऑटो क्लस्टर और आरऐंडडी सुविधाएं स्थापित की जाएंगी। इसके साथ ही ‘इन्वेस्ट यूपी’ में जापान डेस्क को और सुदृढ़ किया जाएगा, जिसकी मॉनिटरिंग सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा की जाएगी।