facebookmetapixel
Advertisement
भारत-जापान का रक्षा सहयोग बढ़ेगा, समुद्री सुरक्षा से लेकर जहाजों के विकास तक साथमुफ्त कोचिंग से छोटे शहरों के छात्रों को फायदा, सरकारी नौकरियों में बढ़ सकती है प्रतिस्पर्धाउदारीकरण के 35 साल: आईटी से लेकर खुदरा क्षेत्र में कोलकाता की बदली तस्वीर, मगर आ​र्थिक चुनौतियां बनी रहींAI ने छोटे कारोबारों के लिए विज्ञापन आसान बनाया, 75% ने ग्रोथ में मदद मानीब्रिक्स सम्मेलन से पहले भारत-बांग्लादेश संबंधों पर संशय, पीएम रहमान के दौरे की संभावना कमझारखंड में सरकारी नियुक्तियां रद्द करने पर रोक, 15 सितंबर तक सरकार से जवाबसेंसेक्स में हेरफेर का खेल: कॉपटॉल और मानसी ने कैसे रचा पूरा जाल?रुपये में निर्यात भुगतान पर अब मिलेंगे FTP के प्रोत्साहन, सरकार ने बदले नियमसुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, नई औद्योगिक संबंध संहिता में ‘उद्योग’ की अलग व्याख्यामेटा के AI कंटेंट मॉडरेशन पर सरकार की चिंता, पोस्ट हटाने से पहले मानव समीक्षा पर जोर

दूसरी तिमाही के नतीजे का असर, सीमित दायरे में बना रहेगा ITC का शेयर

Advertisement

ब्रोकरेज की नजर आईटीसी के सबसे बड़े डिविजन सिगरेट और अन्य एफएमसीजी कारोबार के प्रदर्शन व आउटलुक पर रहेगी।

Last Updated- October 22, 2023 | 11:45 PM IST
ITC Limited

वित्त वर्ष 2023-23 की दूसरी तिमाही में एकीकृत आधार पर आईटीसी के नतीजे मोटे तौर पर ब्रोकरेज फर्मों के अनुमान के मुताबिक रहे। एक ओर जहां सिगरेट कारोबार का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक रहा, वहीं गैर-सिगरेट एफएमसीजी कारोबार पिछड़ गया।

परिचालन के स्तर पर पेपरबोर्ड कारोबार के मार्जिन में तीव्र गिरावट से कंपनी के कुल प्रदर्शन पर चोट पड़ी। इस सेगमेंट की बिक्री में 9.5 फीसदी की गिरावट आई, जिसकी वजह देसी मांग में सुस्ती और वैश्विक बाजार में कम कीमत वाले चीन के उत्पादों की ज्यादा आपूर्ति रही।

लकड़ी और कोयले की कीमतों में तीव्र बढ़ोतरी के साथ कम वॉल्यूम के कारण इस सेगमेंट में कर पूर्व लाभ में 50 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई।

एकल आधार पर परिचालन लाभ सालाना आधार पर 3 फीसदी बढ़ा, जो बाजार के अनुमान से आधा रहा और इसकी वजह पेपरवोर्ड कारोबार का कमजोर प्रदर्शन थी।

ब्रोकरेज की नजर आईटीसी के सबसे बड़े डिविजन सिगरेट और अन्य एफएमसीजी कारोबार के प्रदर्शन व आउटलुक पर रहेगी। वॉल्यूम में 4.5 फीसदी की बढ़ोतरी की बदौलत सिगरेट कारोबार ने बिक्री में 8.5 फीसदी की वृद्धि दर्ज की।

कोटक रिसर्च के जयकुमार दोशी की अगुआई में विश्लेषकों ने कहा, आईटीसी के सिगरेट वॉल्यूम में सालाना आधार पर 4.5 फीसदी की वृद्धि उपभोग की ज्यादातर श्रेणियों में मांग के कमजोर माहौल के संदर्भ में उत्साहजनक है।

उनका मानना है कि पिछली कुछ तिमाहियों में मजबूत वृद्धि स्थिर कर व्यवस्था और अवैध कारोबार पर सरकारी कदम के कारण दर्ज हुई थी। एफएमसीजी के अन्य कारोबार में राजस्व वृद्धि 8.3 फीसदी पर सीमित रही, जिसकी वजह सुस्त मांग थी।

मोतीलाल ओसवाल रिसर्च ने कहा है कि कंपनी को जिंसों की सामान्य कीमत स्तर में नरमी की पृष्ठभूमि में स्थानीय व क्षेत्रीय कंपनियों मसलन अन्य बड़ी कंपनियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ा।

इस सेगमेंट की वृद्धि की अगुआई आशीर्वाद, सनफीस्ट, बिंगो, यिप्पी, क्लासमेंट और मंगलदीप जैसे मजबूत ब्रांडों ने की। साथ ही नए कारोबारी क्षेत्र व भविष्य की श्रेणियों में प्रगति का भी इसमें योगदान रहा।

आईटीसी के एफएमसीजी की वृद्धि हालांकि नरम रही, ऐसे में जेएम फाइनैंशियल रिसर्च जैसी ब्रोकरेज फर्म ने कहा है कि नेस्ले व टाटा कंज्यूमर प्रॉडक्ट को छोड़ दें तो यह प्रदर्शन अन्य के मुकाबले बेहतर रहा है।

इस सेगमेंट का मार्जिन सालाना आधार पर 170 आधार अंक बढ़ा, लेकिन क्रमिक आधार पर यह स्थिर रहा। कमरे के किराए में अच्छी बढ़त के कारण होटल कारोबार के राजस्व में सालाना आधार पर 21 फीसदी का इजाफा हुआ और वित्त वर्ष 2020 की दूसरी तिमाही के मुकाबले यह 1.5 गुना बढ़ा।

उच्च आधार पर ऑक्युपेंसी नरम रही, जिसकी वजह सितंबर तिमाही में शादी-विवाह का कम होना और नवोन्मेष रही, जिसकी योजना पहले ही बनाई गई थी। कंपनी ने कहा कि होटल कारोबार को अलग करने की कवायद तय समयसारणी के हिसाब से आगे बढ़ रही है। ज्यादातर ब्रोकरेज ने पेपरबोर्ड डिविजन के प्रदर्शन में कमजोरी को देखते हुए उनकी आय अनुमान में कटौती की है।

शेयर आउटलुक पर टिप्पणी करते हुए जेएम फाइनैंशियल रिसर्च का अनुमान है कि दूसरी तिमाही में कुल मिलाकर कमजोर प्रदर्शन की पृष्ठभूमि में यह अल्पावधि में सुस्त बना रहेगा। उनका मानना है कि आईटीसी की दोबारा रेटिंग हो सकती है, जिसकी वजह ज्यादा पूंजी आवंटन की रणनीति है। एफएमसीजी के क्षेत्र में आईटीसी ब्रोकरेज फर्मों का तरजीही शेयर बना हुआ है।

आईटीसी को और खरीदारी की रेटिंग देने वाले कोटक रिसर्च का मानना है कि वित्त वर्ष 2023-26 में आय में 9 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज करेगी, जो स्थिर कर व्यवस्था के माहौल में सिगरेट कारोबार के लाभ में 8-9 फीसदी की वृद्धि की अगुआई में होगी।

बीएनपी पारिबा ने वित्त वर्ष 24-26 की आय के अनुमान में 1-2 फीसदी की कटौती की है क्योंकि वह पेपरबोर्ड डिविजन के कमजोर परिदृश्य को समाहित कर रही है।

ब्रोकरेज ने इस शेयर की खरीद की रेटिंग बरकरार रखी है, जो भारतीय उपभोक्ता क्षेत्र में उसकी अग्रणी खरीद बनी हुई है।

Advertisement
First Published - October 22, 2023 | 11:03 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement