facebookmetapixel
Advertisement
Kotak Mahindra Bank Q4: मुनाफे में 10% की बढ़त, एसेट क्वालिटी में जबरदस्त सुधारकमर्शियल गैस की कीमतों में आग: दिल्ली के फूड वेंडर्स बेहाल, रेस्टोरेंट्स रेट बढ़ाने की तैयारी में!पुरानी कंपनी का अटका PF पैसा अब तुरंत मिलेगा वापस, नया ‘E-PRAAPTI’ पोर्टल लॉन्च; ऐसे करेगा कामNPS सब्सक्राइबर्स सावधान! 1 जुलाई से बदल रहे हैं मेंटेनेंस के नियम, समझें आपकी जेब पर क्या होगा असरक्या आपके फोन में भी आया तेज सायरन वाला मैसेज? सरकार ने क्यों किया ऐसा टेस्टAvro India का बड़ा धमाका: 1 शेयर के बदले मिलेंगे 10 शेयर, जानें स्टॉक स्प्लिट की पूरी डिटेलRBI में बड़ा बदलाव! रोहित जैन बने नए डिप्टी गवर्नर, 3 साल तक संभालेंगे अहम जिम्मेदारीनिवेशकों की लॉटरी! हर 1 शेयर पर 6 बोनस शेयर देगी अलका इंडिया, रिकॉर्ड डेट अगले हफ्तेBNPL vs Credit Card: अभी खरीदें बाद में चुकाएं या कार्ड से खर्च? एक गलत फैसला बना सकता है आपको कर्जदारDividend Stocks: एक शेयर पर ₹270 तक कमाई का मौका! अगले हफ्ते 12 कंपनियों देंगी डिविडेंड, लिस्ट जारी

EV: इले​क्ट्रिक वाहन चार्जरों के मानक बनाने की हो रही तैयारी

Advertisement

देश में दोपहिया एवं तिपहिया वाहनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए ओईएम बीआईएस से अपने अलग कनेक्टर मानकों के लिए मंजूरी मांग रही हैं।

Last Updated- October 22, 2023 | 11:02 PM IST
Zetwerk

सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए मानक चार्जिंग नियम लाने की तैयारी कर रही है। देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती लोकप्रियता के बीच सरकार ने यह कदम उठाने का निर्णय लिया है। बिज़नेस स्टैंडर्ड को मिली जानकारी के अनुसार इस उद्योग से जुड़े संबंधित पक्षों ने देश में चार्जिंग ढांचे में एकरूपता के अभाव पर चिंता जताई थी। उनका कहना था कि इससे इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

एक उच्च पदस्थ सरकारी अधिकारी ने बताया कि इस कदम का लक्ष्य ईवी उद्योग में एक समान मानक निर्धारित करना है। सरकार ने जो प्रस्ताव तैयार किया है उसके अनुसार देश में सभी प्रकार के ईवी के लिए एक जैसे चार्जिंग मानक बनाए जाएंगे। दूसरा विकल्प दो मानक तैयार करना है, जिनमें एक दोपहिया एवं तिपहिया के लिए और दूसरा चारपहिया वाहन के लिए होगा। अधिकारी ने कहा कि ज्यादातर लोग दूसरे विकल्प पर जोर दे रहे हैं।

यूनिवर्सल चार्जिंग मानक लागू करने पर लोग देश में कहीं भी किसी भी उपलब्ध चार्जिंग स्टेशन पर अपने इलेक्ट्रिक वाहन चार्ज कर पाएंगे। इस समय अलग-अलग चार्जिंग मानक होने के कारण ईवी उन्हीं चार्जिंग स्टेशनों पर चार्ज किए जा सकते हैं जो उनकी बनावट के हिसाब से फिट बैठते हैं।

ऊर्जा क्षमता ब्यूरो (बीईई) के अनुसार भारत में ऑल्टरनेट करंट (एसी) की दो श्रेणियों का इस्तेमाल होता है। इनमें एक भारत एस-001 और दूसरा टाइप-1 एसी है। इनके साथ तीन डायरेक्ट करंट (डीसी) (फास्ट चार्जर) भारत डीसी-001, चार्ज द मूव और कंबाइन्ड चार्जिंग सिस्टम (सिस्टम-2) का भी इस्तेमाल होता है। बीईई बिजली मंत्रालय के अंतर्गत काम करने वाली सरकारी एजेंसी है।

ये सभी चार्जर एक दूसरे से काफी अलग होते हैं। दूसरे शब्दों में कहें तो भारत डीसी-001 चार्जर सीसीएस-2 चार्जिंग प्रणाली से लैस इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज नहीं कर सकता है। हालांकि दोनों में ही एकसमान चार्जिंग होती है। चारपहिया वाहनों को चार्ज करने में कुछ हद तक समानता जरूर है मगर दोपहिया एवं तिपहिया खंडों में हालात काफी अलग हैं। इन खंडो में ओईएम अपनी पसंद के चार्जिंग डिजाइन तैयार करने के लिए स्वतंत्र होती हैं मगर इसके लिए उन्हें सरकार द्वारा स्थापित ऊर्जा मानकों का अनुपालन करना होता है। ज्यादातर इलेक्ट्रिक दोपहिया एवं तिपहिया वाहन एसी चार्जिंग का इस्तेमाल करते हैं। इन एसी चार्जिंग का नियमन आईएस 17017 मानक के अंतर्गत होता है।

देश में दोपहिया एवं तिपहिया वाहनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए ओईएम बीआईएस से अपने अलग कनेक्टर मानकों के लिए मंजूरी मांग रही हैं। मगर सरकार इस बात से चिंतित है कि सभी विनिर्माताओं को अनुमति देने से बाजार में ऊहापोह एवं अव्यवस्था की स्थिति पैदा हो सकती है।

18 अक्टूबर को एथर एनर्जी ने घोषणा की कि उसके शुरुआती एकीकृत एसी एवं डीसी कनेक्टर को बीआईएस की अनुमति मिल चुकी है और दूसरी ओईएम भी इसे अपना सकते हैं।

दोपहिया एवं तिपहिया वाहनों के लिए चार्जिंग सेवाएं देने वाले सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन में अलग-अलग आउटपुट वाले चार्जिंग सॉकेट होते हैं। लोगों को अपने साथ पोर्टेबल चार्जर रखने होते हैं, जो वाहनों में चार्जिंग सॉकेट के अनुसार काम आते हैं।

Advertisement
First Published - October 22, 2023 | 9:56 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement