ओला इलेक्ट्रिक ने कहा कि हाइपरसर्विस से जुड़े बदलाव के शुरुआती नतीजों से उसकी मांग और बाजार हिस्सेदारी बढ़ने लगी है। ‘वाहन’ डेटा के अनुसार इलेक्ट्रिक-स्कूटर निर्माता ने दिसंबर में 9,020 वाहनों का पंजीकरण किया जिससे उसकी मासिक बाजार हिस्सेदारी नवंबर के 7.2 प्रतिशत से बढ़कर 9.3 प्रतिशत हो गई। दिसंबर के दूसरी पखवाड़े में बाजार हिस्सेदारी बढ़कर लगभग 12 प्रतिशत हो गई, जिससे मजबूत रफ्तार का संकेत मिलता है।
कंपनी ने कहा कि इन बदलावों के कारण ओला इलेक्ट्रिक को दिसंबर के दौरान लगभग एक दर्जन राज्यों में शीर्ष तीन ईवी कंपनियों में शामिल होने में मदद मिली। इन राज्यों में तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पंजाब और हरियाणा जैसे प्रमुख बाजार शामिल हैं।
ओला इलेक्ट्रिक के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक भवीश अग्रवाल ने कहा, ‘हमारी प्राथमिकता तेजी और अनुशासन के साथ बुनियादी सेवा को ठीक करना है। हाइपरसर्विस एक केंद्रित कार्यक्रम है, न कि अल्पकालिक समाधान। हम पहले से ही ग्राहक अनुभव, बाजार हिस्सेदारी और बुकिंग की तेज रफ्तार के स्पष्ट परिणाम देख रहे हैं।’
ओला इलेक्ट्रिक का बजाज ऑटो, टीवीएस और एथर एनर्जी जैसी कंपनियों के साथ मुकाबला है। तेजी से विस्तार के बीच सेवा में बाधा का सामना करने के बाद कंपनी ने अपने सर्विस तंत्र को ढांचागत रूप से मजबूत करने के लिए हाइपरसर्विस शुरू की।
यह प्रोग्राम पुराने मामलों के समाधान, वर्कफोर्स क्षमता, पार्ट्स की उपलब्धता और कस्टमर सेल्फ-सर्विस को सीधे मदद पहुंचाने के लिए तैयार किया गया है, जो बड़े पैमाने पर मांग को बढ़ावा देने वाले मुख्य कारक हैं। कंपनी ने कहा कि इस प्रोग्राम से सेवा संबंधित समाधान की स्पीड में काफी सुधार आया है। इसमें दिसंबर 2025 में 77 प्रतिशत सर्विस रिक्वेस्ट उसी दिन पूरी हो गईं।
कंपनी अपनी सर्विस वर्कफोर्स में 1,000 से ज्यादा कर्मचारियों को बढ़ा रही है, जिसे एक स्टैंडर्ड ट्रेनिंग फ्रेमवर्क की मदद मिलेगी ताकि संख्या बढ़ने पर भी सर्विस की लगातार क्वालिटी बनी रहे और ज्यादा प्रोडक्टिविटी आए।