facebookmetapixel
शिक्षा मंत्री का आश्वासन: UGC के नए नियमों से किसी का उत्पीड़न नहीं होगा, हर छात्र को मिलेगा समान न्यायसंसद का बजट सत्र कल से: कामकाज का समय तो बढ़ा, पर विधायी चर्चा और बिलों की संख्या में आई कमीPM मोदी बोले: भारत के उर्जा क्षेत्र में 500 अरब डॉलर के निवेश का अवसर, देश बनेगा दुनिया का रिफाइनिंग हबIT पेशेवरों के लिए खुला यूरोप का द्वार: अमेरिका की सख्ती के बीच भारत-EU डील से वीजा की राह आसानइस साल लोग नए पर्यटन स्थलों का करेंगे रुख, लंबे वीकेंड का पूरा फायदा उठाने की योजनाइलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में भारत की लंबी छलांग, यूरोप को होने वाले एक्सपोर्ट में 37% की भारी बढ़ोतरीसंसद का बजट सत्र बुधवार से शुरू, राष्ट्रपति के अभिभाषण और आम बजट पर होगी मुख्य चर्चाIndia-EU 6G Collaboration: तकनीक और विनिर्माण के मेल से संचार क्रांति को मिलेगी नई रफ्तारवस्त्र उद्योग के लिए ‘गेम चेंजर’ हो सकता है EU समझौता, 2030 तक $100 अरब निर्यात का लक्ष्य होगा पूराIndia-EU FTA: भारत-ईयू में बड़ा करार, बढ़ेगा साझा व्यापार; 2 अरब लोगों के बाजार तक पहुंच

Q4 Results: Maruti Suzuki का 47 फीसदी बढ़ा नेट मुनाफा, चेयरमैन ने हाइब्रिड कारों को लेकर भी बताया प्लान

मारुति सुजूकी ने वित्त वर्ष 2023-24 के लिए 125 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड जारी करने की घोषणा की है। कंपनी ने पिछले साल 90 रुपये प्रति शेयर का लाभांश दिया था।

Last Updated- April 27, 2024 | 12:36 AM IST
R C Bhargava, Chairman, Maruti Suzuki

Maruti Suzuki Q4 Results 2024: वित्त वर्ष 2023-24 की चौथी तिमाही में दिग्गज वाहन निर्माता मारुति सुजूकी का शुद्ध लाभ 47.1 फीसदी बढ़कर 3,952.3 करोड़ रुपये रहा। कंपनी को उत्पादन में वृद्धि, आपूर्ति श्रृंखला में बाधा नहीं होने, लागत में बचत और स्पोर्ट्स यूटिलिटी वाहनों (एसयूवी) की बढ़ती मांग से मजबूती मिली है। पूरे वित्त वर्ष 2023-24 के लिए कंपनी का शुद्ध लाभ एक साल पहले की अपेक्षा 63.2 फीसदी बढ़कर 13,488 करोड़ रुपये रहा।

मारुति सुजूकी ने वित्त वर्ष 2023-24 के लिए 125 रुपये प्रति शेयर का लाभांश जारी करने की घोषणा की है। कंपनी ने पिछले साल 90 रुपये प्रति शेयर का लाभांश दिया था।

मारुति सुजूकी के चेयरमैन आरसी भार्गव ने संवाददाताओं से कहा कि हरियाणा के खरखौदा में कंपनी के नए संयंत्र का निर्माण कार्य सुचारू तरीके से जारी है और मई 2025 में कंपनी यहां से पहली उत्पादन लाइन शुरू करने वाली है।

उन्होंने कहा, ‘हम खरखौदा संयंत्र में हर 12 महीने में एक नई उत्पादन लाइन जोड़ेंगे।’ साथ ही भार्गव ने कहा कि देश में आम चुनाव के कारण आचार संहिता लगी होने से कंपनी ने अभी तक गुजरात में अपने नए संयंत्र का स्थान तय नहीं किया है। फिलहाल, मारुति सुजूकी की सालाना 23.5 लाख गाड़ियों की उत्पादन क्षमता है और कंपनी इसे साल 2030-31 तक 40 लाख करने की योजना बना रही है।

भार्गव ने कहा कि छोटी कारों के बाजार में इस साल या अगले साल भी कोई खास उछाल नहीं आने वाला है। उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि मौजूदा वित्त वर्ष में उछाल थोड़ा आशावादी है, लेकिन मुझे यह नहीं लगता कि यह इतनी जल्दी होगा। इसमें और समय लगेगा। इसलिए, कार बाजार में एसयूवी का दबदबा रहेगा।’

साल 2023-24 में सिडैन और हैचबैक वाले छोटी कारों के खंड की बिक्री में करीब 11.4 फीसदी की कमी देखी गई। एक साल पहले की तुलना में 15.38 लाख गाड़ियों की बिक्री हुई। इसके विपरीत यूटिलिटी वाहन खंड में बिक्री एक साल पहले की अपेक्षा उल्लेखनीय 25.8 फीसदी बढ़ी और 25.2 लाख गाड़ियों की बिक्री हुई। मारुति सुजूकी छोटी कार और एसयूवी दोनों श्रेणियों में अग्रणी है।

साल 2023-24 में भारत में करीब 99 हजार इलेक्ट्रिक कारें और 89,500 हाइब्रिड कारों की बिक्री हुई। मगर साल 2023-24 के आखिरी छह महीनों में इलेक्ट्रिक कारों की तुलना में हाइब्रिड कारें ज्यादा बिकीं।

हाइब्रिड कारों के बारे में उनके नजरिये के बारे में पूछे जाने पर भार्गव ने कहा, ‘हमें पक्के तौर पर यह जानने से पहले पहले कुछ महीनों तक इंतजार करना होगा कि सरकार हाइब्रिड कारों पर जीएसटी के बारे में क्या सोच रही है।’ बीते महीने केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने सुझाव दिया था कि हाइब्रिड कारों पर कर मौजूदा 43 फीसदी से घटाकर 12 फीसदी किया जाना चाहिए।

भार्गव ने कहा, ‘इससे काफी फर्क पड़ता है कि हाइब्रिड कारों पर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) 43 फीसदी रहता है या गडकरी के सुझाव पर 12 फीसदी हो जाता है। मुझे लगता है कि इससे हाइब्रिड कारों की मांग पर काफी असर पड़ेगा। इसलिए मेरे लिए आज यह अनुमान लगाना मुश्किल है कि मौजूदा वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में हाइब्रिड कारों का क्या होगा। इसके लिए हमें इंतजार करना होगा।’

साल 2023-24 में भारतीय कार विनिर्माताओं ने 42.3 लाख घरेलू यात्री वाहनों की बिक्री के साथ एक नया इतिहास रच दिया। यह एक साल पहले की तुलना में 8.74 फीसदी अधिक है और इसे एसयूवी के लिए मजबूत मांग, ग्रामीण इलाकों में बढ़ी बिक्री और उच्च जीडीपी वृद्धि से बल मिला है।

First Published - April 26, 2024 | 11:09 PM IST

संबंधित पोस्ट