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भारत को अमेरिका के ‘धौंस’ में नहीं आना चाहिए: मारुति सुजुकी चेयरमैन

मारुति चेयरमैन आरसी भार्गव ने छोटी कारों पर GST घटाने की वकालत की। कहा- अर्थव्यवस्था को मिलेगी राहत

Last Updated- August 28, 2025 | 2:31 PM IST
RC Bhargava
मारुति चेयरमैन का कहना है कि GST दर घटे तो छोटे कार बाजार में सुधार दिखेगा। (File Image)

मारुति सुजुकी इंडिया (MSIL) के चेयरमैन आरसी भार्गव ने गुरुवार को कहा कि भारत को अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के भारतीय आयात पर टैरिफ 50 फीसदी तक बढ़ाने के फैसले के बाद किसी भी तरह की “धौंस” के आगे नहीं झुकना चाहिए। उन्होंने गरिमा बनाए रखने और सरकार का समर्थन करने के लिए राष्ट्रीय एकजुटता पर जोर दिया।

घरेलू मोर्चे पर उन्होंने कहा कि छोटी कारों पर जीएसटी में कटौती इन टैरिफ उपायों से पैदा हुई आर्थिक मुश्किल को कम करने में मदद कर सकती है।

कंपनी की वार्षिक आम बैठक (AGM) में भार्गव ने कहा, “मेरी उम्मीद और अपेक्षा है कि जीएसटी काउंसिल की मंजूरी के बाद हम छोटी कारों के बाजार में सुधार देखेंगे। इससे ऑटो इंडस्ट्री की तेज ग्रोथ, इंड​स्ट्रियल गतिविधियां बढ़ने और जॉब के अवसर पैदा होंगे। यह सब उस समय बेहद जरूरी है जब टैरिफ की समस्या भारतीय अर्थव्यवस्था के दूसरे हिस्सों में मु​श्किलें पैदा कर रही है।”

छोटी कारों पर घटेगा GST रेट!

MSIL को उम्मीद है कि जीएसटी काउंसिल की बैठक छोटी कारों पर टैक्स रेट 28 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी करेगी। काउंसिल की बैठक 3 और 4 सितंबर को होगी। भार्गव ने कहा कि इस कदम से एंट्री लेवल कंज्यूमर्स को विशेष फायदा होगा। उन्होंने कहा, “हमें उम्मीद है कि प्रधानमंत्री की ओर से (15 अगस्त को लाल किले से) किया गया प्रस्ताव छोटी कारों पर जीएसटी को 18 फीसदी तक लाने में दिखाई देगा। लेकिन हमें आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना होगा।”

उन्होंने कहा कि कंपनी की उत्पादन क्षमता विस्तार की गति भी जीएसटी काउंसिल के निर्णय और भारत में कारों की मांग पर इसके प्रभाव से जुड़ी हुई है।

यह भी पढ़ें: Trump Tariff के बाद वाहन कलपुर्जा उद्योग को नए बाजार तलाशने की जरूरत

कई सालों से घट रही है सेडान, हैचबैक की बिक्री

भारत में छोटी कारों (सेडान और हैचबैक) की बिक्री कई वर्षों से घट रही है, जबकि एसयूवी की मजबूत ग्रोथ ने अब तक पूरे इंडस्ट्री को रफ्तार दे रही है। लेकिन अब यह रफ्तार कमजोर हुई है और 2025-26 की पहली तिमाही में पैसेंसर व्हीकल्स की बिक्री साल-दर-साल 1.6 फीसदी घटकर 10.11 लाख यूनिट रह गई।

टैरिफ पर भार्गव ने कहा कि मौजूदा हालात में सभी एक एकसाथ आना चाहिए। उन्होंने कहा, “हम सभी वैश्विक अनिश्चितताओं से परिचित हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने कई मायनों में देशों को पारंपरिक नीतियों और रिश्तों पर दोबारा सोचने को मजबूर किया है। विशेष रूप से कूटनीति में टैरिफ का इस्तेमाल पहली बार देखा जा रहा है। हमारे टैरिफ रेट अब 50 फीसदी तक बढ़ गए हैं। मेरा मानना है कि इस मामले में हमारा कर्तव्य है कि हम सरकार का पूरा समर्थन करें, गरिमा और सम्मान बनाए रखें और किसी भी प्रकार की धौंस के आगे न झुकें। इस समय पूरे देश को एकजुट होकर खड़ा होना होगा।”

इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड कारों पर जीएसटी में आए समानता

भार्गव ने जीएसटी स्ट्रक्चर में इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड कारों में समानता की भी मांग की। उन्होंने कहा, “यूरोप और अमेरिका में इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड कारों पर टैक्सेशन बहुत समान है।” भारत में इलेक्ट्रिक कारें फिलहाल 5 फीसदी जीएसटी स्लैब में आती हैं, जबकि हाइब्रिड कारें 28 फीसदी स्लैब में।

उन्होंने कहा, “भारत में हमारा मानना है कि टैक्सेशन सिस्टम को ऐसी तकनीकों को बढ़ावा देना चाहिए, जो न सिर्फ ईवी टेक्नोलॉजी बल्कि किसी भी तकनीक को प्रोत्साहित करें जो स्वच्छ कारें बनाए, तेल की खपत घटाए, प्रदूषण कम करे और हमें नेट-जीरो की दिशा में ले जाए। हर तकनीक, उसका योगदान देखते हुए, प्रोत्साहित की जानी चाहिए।”

BS-6 नॉर्म्स से धीमी हुई छोटी कारों की बिक्री

उन्होंने यह भी याद किया कि 2018-19 में बीएस-6 नॉर्म्स लागू होने से वाहनों की लागत बढ़ गई थी, जिससे छोटी कारों की बिक्री धीमी हुई और दोपहिया वाहन मालिकों के लिए सुरक्षित कारों की ओर जाना मुश्किल हो गया। इस किफायती अंतर को पाटने के लिए भार्गव ने जापान के 1950 के दशक के ‘केई कार्स’ का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा, “ये अति-छोटी कारें थीं जिन्हें हल्के सुरक्षा नियमों और कम टैक्स के साथ डिजाइन किया गया था, जिससे स्कूटर मालिकों को कम लागत में चारपहिया वाहन अपनाने का विकल्प मिला। मेरा मानना है कि भारत को कुछ इसी तरह के मॉडल पर विचार करना चाहिए।”

रेयर अर्थ मैग्नेट पर क्या बोले भार्गव

सप्लाई चेन की चिंताओं पर भार्गव ने रेयर अर्थ मैग्नेट पर प्रतिबंधों से जुड़े जोखिमों की ओर इशारा किया और इसे अलर्म का संकेत बताया। हालांकि उन्होंने कहा कि सरकारी दखल से इस समस्या का समाधान हो सकता है। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार ने ब्रिटेन के साथ एक ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट किया है और यह भविष्य के समझौतों के लिए एक टेम्पलेट बन सकता है।”

बता दें, मारुति सुजुकी इस साल दो SUV लॉन्च करने की तैयारी कर रही है, जिनमें से एक है कंपनी की पहली घरेलू स्तर पर बनी इलेक्ट्रिक एसयूवी (ई-विटारा), जिसे हाल ही में प्रधानमंत्री ने हरी झंडी दिखाई। दूसरा मॉडल 3 सितंबर को लॉन्च होगा।

First Published - August 28, 2025 | 2:24 PM IST

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