facebookmetapixel
Advertisement
Knack Packaging Listing Today: निवेशकों की हुई बल्ले-बल्ले! 10% प्रीमियम पर हुई धमाकेदार लिस्टिंग; एक्सपर्ट बोले- अभी बेचें नहीं, आगे भी है दमअब रुपये में होगी FPI फीस की पेमेंट, Mutual Fund नियमों में भी हुए बदलावQ1 Preview: बेहतर Q1 नतीजों की उम्मीद, HDFC, SBI समेत इन बैंक शेयरों को ब्रोकरेज ने बनाया टॉप पिकQ1 preview: ONGC, RIL से लेकर IOC तक, किस शेयर से हैं क्या उम्मीदें? जानिए ब्रोकरेज की रायफेड रिजर्व मिनट्स से पहले सोना ₹442 टूटा, चांदी ₹1,532 फिसलीKusumgar IPO: ₹650 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए खुला, GMP 40% प्रीमियम पर; निवेश से पहले जान लें पूरी डिटेलअमेरिका का ऑयल स्टॉक घटा, पश्चिम एशिया में बढ़ा तनाव… कच्चे तेल में आई बड़ी तेजीट्रक से हर महीने ₹4 लाख की कमाई… खर्च भी ₹4 लाख, फिर ट्रक मालिक मुनाफा कैसे बनाते हैं? समझिए गणितStock Market Update: शेयर बाजार में बड़ी गिरावट, सेंसेक्स 400 अंक टूटा; OMC शेयरों में 5% तक की भारी बिकवालीUS-Iran तनाव फिर चरम पर! अमेरिका ने ईरान पर किए हमले; कच्चे तेल की कीमतों में उछाल

EV Sales: ई-वाहन बिक्री 10 लाख के पार पहुंची, ग्रीन मोबिलिटी की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा भारत

Advertisement

कुल EV बिक्री में इलेक्ट्रिक टु व्हीलर सेक्टर 61 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ सबसे आगे

Last Updated- April 12, 2023 | 9:29 PM IST
EV subsidy and controversy
BS

भारत का इलेक्ट्रिक वाहन (EV) उद्योग दोपहिया खंड की अगुआई में वित्त वर्ष 2023 के दौरान 10 लाख वाहन बिक्री के महत्त्वपूर्ण पड़ाव तक पहुंच गया है। उद्योग के संगठन सोसाइटी ऑफ मैन्युफैक्चरर्स ऑफ इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (SMEV) ने यह जानकारी दी है।

SMEV ने कहा कि हालांकि इलेक्ट्रिक दोपहिया खंड ने कुल 11,77,938 इलेक्ट्रिक वाहन बिक्री में 61 प्रतिशत की हिस्सेदारी की, लेकिन यह नीति आयोग द्वारा निर्धारित लक्ष्यों से काफी कम रहा है।

ई-दोपहिया खंड में उद्योग ने तेज-रफ्तार वाले दोपहिया (25 किमी प्रति घंटा से अधिक रफ्तार वाले) 7,26,976 वाहनों की बिक्री की, जबकि नीति आयोग ने वित्त वर्ष 23 में 10 लाख से अधिक ई-दोपहिया बिक्री का अनुमान लगाया था।

इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहनों की बिक्री 4,01,841 वाहनों के साथ 34 प्रतिशत पर दूसरे स्थान पर रही, जबकि चौपहिया वाहनों की बिक्री केवल चार प्रतिशत या 47,217 इकाई रही और इलेक्ट्रिक बसों की बिक्री 1,904 इकाइयों के साथ 0.16 प्रतिशत ही रही।

SMEV ने एक बयान में कहा कि ई-दोपहिया अपनाने में महीने-दर-महीने कमी हुई। नीति आयोग और विभिन्न अनुसंधान संगठनों द्वारा निर्धारित न्यूनतम लक्ष्य के मुकाबले सालाना 25 प्रतिशत से अधिक की कमी रही।

उद्योग के निकाय ने कहा कि ई-दोपहिया की बिक्री पर असर उपभोक्ता की मांग से नहीं पड़ा है, बल्कि 1,200 करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी को अचानक रोक दिए जाने से हुआ, जिसका बोझ स्थानीयकरण में देरी के बहाने ज्यादातर मूल उपकरण निर्माताओं (ओईएम) ने पहले ही ग्राहकों पर डाल दिया था।

SMEV के महानिदेशक सोहिंदर गिल ने दावा किया कि संशोधित फेम2 का ई-दोपहिया अपनाने पर खासा असर पड़ा क्योंकि इससे उनकी कीमतों में लगभग 35 प्रतिशत तक की कमी आई।

Advertisement
First Published - April 11, 2023 | 7:26 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement