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इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को रफ्तार: 6000 ई-बसों की निविदा जल्द होगी जारी, PM ई-ड्राइव को मिलेगा बूस्ट

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इन इलेक्ट्रिक बसों के विनिर्माण और इस्तेमाल के लिए दो अलग-अलग निविदाएं जारी की जाएंगी। इस क्रम में 2,500 और 3,000 बसों के लिए निविदाएं जारी होंगी

Last Updated- December 30, 2025 | 9:41 PM IST
Electric Bus
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

कंवर्जेन्स एनर्जी सर्विसिज लिमिटेड (सीईएसएल) 6,000 इलेक्ट्रिक बसों के लिए अगले सप्ताह दो मेगा निविदाएं जारी करने की योजना बना रही है। यह पूरे भारत में पीएम ई ड्राइव योजना के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों की पहुंच तेजी से बढ़ाने के अनुरूप है। सरकारी कंपनी एनर्जी एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसिज लिमिटेड (ईईएसएल) की आनुषांगिक कंपनी सीईएसएल है।

इन इलेक्ट्रिक बसों के विनिर्माण और इस्तेमाल के लिए दो अलग-अलग निविदाएं जारी की जाएंगी। इस क्रम में 2,500 और 3,000 बसों के लिए निविदाएं जारी होंगी। इन दो निविदाओं की लागत 9,000 करोड़ से 10,000 करोड़ रुपये के बीच होगी।

सीईएसएल के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘हम जनवरी, 2026 के पहले सप्ताह में इलेक्ट्रिक बसों की दो निविदाएं जारी करने पर कार्य कर रहे हैं। इसमें से एक आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय (एमओएचयूए) और दूसरी मुंबई और पुणे जैसे बड़े शहरों से संबंधित होगी। ये दो निविदाएं शीघ्र ही जारी की जाएंगी।’

कंपनी ने इस साल जून में 10,900 इलेक्ट्रिक बसों के लिए बड़ी मेगा निविदा निकाली थी और यह अभी पूरी हुई है। अधिकारी ने बताया कि इस निविदा के आकार को देखते हुए पूरा करना बड़ी उपलब्धि है। इस निविदा में कई सड़क परिवहन निगम और मूल उपकरण निर्माताओं (ओईएम) के भुगतान की उचित सुरक्षा जांच की विशेषताएं शामिल थीं।

उन्होंने बताया, ‘सीईएसएल ने इन सभी बाधाओं को सफलतापूर्वक पूरा किया है। कंपनी बेहद प्रतिस्पर्धात्मक निविदाएं हासिल करने में सफल रही। इस 10,900 बसों की बड़ी निविदा के लिए वित्तीय निविदाएं आमंत्रित की गई हैं। बड़ी बसों के मामले दूसरी सबसे कम निविदा को पहली सबसे कम निविदा से प्रतिस्पर्धा करने का अवसर मुहैया कराया गया।’ निविदा हासिल करने वालों के नाम की शीघ्र घोषणा की जाएगी।

सीईएसएल इलेक्ट्रिक बसों के एग्रीगेशन और खरीद के लिए नामित एजेंसी है। इसमें हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, दिल्ली और बेंगलुरु सहित कई शहरों और केंद्रशासित प्रदेशों के लिए बीते माह निविदाएं आमंत्रित की थीं। इन बसों का एक बार संचालन शुरू होने के बाद प्रमुख शहरी क्षेत्रों में कार्बन उत्सर्जन, ध्वनि प्रदूषण कम करने के साथ हवा की गुणवत्ता सुधारने में मदद मिलेगी।

सीईएसएल के अधिकारी ने बताया, ‘हमने कुल 30,000 से अधिक बसों के लिए निविदा जारी की है। हमने प्रक्रिया का काफी मानकीकरण कर दिया है और ओईएम ने सीईएसएल में विश्वास जताया है। हमारे पास 7 मीटर, 9 मीटर और 12 मीटर लंबाई की बसों के लिए मानक टेम्पलेट हैं। इसने लागत घटाने में पर्याप्त मदद की है।’

इसके अलावा सीईएसएल ने बिजली चालित वाहनों की चार्जिंग बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया है। योजना के अगले चरण में सरकारी और निजी क्षेत्र की कंपनियों में अग्रणी चार पहिए वाले इलेक्ट्रिक वाहनों पर काम कर रही है।

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First Published - December 30, 2025 | 9:41 PM IST

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