facebookmetapixel
Advertisement
‘हेडलाइन्स’ से कहीं आप भी तो नहीं हो रहे गुमराह? SIP पर जारी रखें ये स्ट्रैटेजीAM/NS India में बड़ा बदलाव: दिलीप ओम्मन होंगे रिटायर, अमित हरलका बनेंगे नए सीईओभारत में पेट्रोल, डीजल या LPG की कोई कमी नहीं, 60 दिन का स्टॉक मौजूद: सरकारभारत की तेल जरूरतें क्यों पूरी नहीं कर पा रहा ईरानी क्रूड ऑयल? चीन की ओर मुड़े जहाजलाइन लगाने की जरूरत नहीं, घर पहुंचेगा गैस सिलेंडर: सीएम योगी आदित्यनाथऑल टाइम हाई के करीब Oil Stock पर ब्रोकरेज सुपर बुलिश, कहा- खरीद लें, 65% और चढ़ने का रखता है दमBharat PET IPO: ₹760 करोड़ जुटाने की तैयारी, सेबी में DRHP फाइल; जुटाई रकम का क्या करेगी कंपनीतेल, रुपये और यील्ड का दबाव: पश्चिम एशिया संकट से बढ़ी अस्थिरता, लंबी अनिश्चितता के संकेतवैश्विक चुनातियों के बावजूद भारतीय ऑफिस मार्केट ने पकड़ी रफ्तार, पहली तिमाही में 15% इजाफाJio IPO: DRHP दाखिल करने की तैयारी तेज, OFS के जरिए 2.5% हिस्सेदारी बिकने की संभावना

दक्षिण कोरिया के बाद चेन्नई होगा Hyundai का सबसे बड़ा निर्यात केंद्र, FY26 में एक्सपोर्ट में 8% ग्रोथ का लक्ष्य

Advertisement

कंपनी भारत से यात्री वाहनों की सबसे बड़ी निर्यातक है और उसकी कुल बिक्री में निर्यात की 21 फीसदी हिस्सेदारी है जबकि उद्योग का औसत 15 फीसदी है।

Last Updated- May 30, 2025 | 9:53 PM IST
Hyundai

वाहन क्षेत्र की प्रमुख कंपनी ह्युंडै मोटर इंडिया ने भारत से निर्यात के 25 साल पूरे कर लिए हैं। अब कंपनी दक्षिण कोरिया के बाद भारत को निर्यात का सबसे बड़ा केंद्र बनाना चाहती है और उसका लक्ष्य वित्त वर्ष 2026 में निर्यात में 7 से 8 फीसदी की वृद्धि का है। कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। फिलहाल, कंपनी भारत से यात्री वाहनों की सबसे बड़ी निर्यातक है और उसकी कुल बिक्री में निर्यात की 21 फीसदी हिस्सेदारी है जबकि उद्योग का औसत 15 फीसदी है।

वित्त वर्ष 2025 में सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, मेक्सिको, चिली और पेरू संख्या के लिहाज से ह्युंडै इंडिया के सबसे बड़े निर्यात बाजारों के तौर पर उभरे थे। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025 में कुल मिलाकर 1,63,386 गाड़ियों का निर्यात किया था।

ह्युंडै मोटर इंडिया के प्रबंध निदेशक उन्सू किम ने कहा, ‘हाल के महीनों में निर्यात ने गति पकड़ी है और हमारा लक्ष्य इस वृद्धि को बरकरार रखने का है। वित्त वर्ष 2026 में हम निर्यात संख्या में करीब 7 से 8 फीसदी की वृद्धि की उम्मीद कर रहे हैं और इसे उभरते बाजारों में हमारे मॉडलों की मजबूत मांग से बल मिलेगा।’ उल्लेखनीय है कि कंपनी ने चेन्नई बंदरगाह से साल 1999 में निर्यात शुरू किया था और अब तक चेन्नई के बंदरगाह से ह्युंडै ने भारत में बने 37 लाख से अधिक यात्री वाहनों का निर्यात किया है।

पिछले 25 वर्षों में चेन्नई बंदरगाह प्राधिकरण के साथ रणनीतिक सहमति के जरिये ह्युंडै इंडिया ने 150 से अधिक देशों को यात्री वाहनों का निर्यात किया है। कंपनी फिलहाल अपने नौ खास मॉडलों को 60 से अधिक देशों को निर्यात करती है जिनमें ह्युंडै क्रेटा, क्रेटा इलेक्ट्रिक, अल्काजार, एक्सटर, वेन्यू, ऑरा, वेरना, ग्रैंड आई10 नियोस और आई20 शामिल हैं।

Advertisement
First Published - May 30, 2025 | 9:47 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement