facebookmetapixel
Advertisement
डिजिटल पेमेंट नियमों में बदलाव,UPI पर MDR से 10,000 करोड़ रुपये तक सरकार को मिल सकता है बड़ा राजस्वNDA सांसदों की बैठक में खेल और रोजगार पर फोकस, युवाओं के लिए बढ़ते अवसरों का दिया गया ब्यौरा1991 के आर्थिक सुधारों ने बदली भारत की दशा, उसके बाद भारतीय अर्थव्यवस्था को मिली रफ्तार: जयराम रमेशखनिज ब्लॉकों की नीलामी के बाद भी धीमी रफ्तार, 720 में केवल 105 खदानें शुरूREIT और InvIT निवेशकों को बड़ी राहत, नई टैक्स व्यवस्था में भी डिविडेंड रहेगा पूरी तरह टैक्स फ्रीडिजिटल अरेस्ट और साइबर ठगी पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, RBI को 4 हफ्ते में SOP बनाने का दिया निर्देशFuel Prices: पेट्रोल-डीजल कीमतों पर सरकार रखेगी नजर, जरूरत पड़ने पर उठाएगी कदमTax Amendment Bill 2026: विदेशी निवेशकों के लिए आसान होंगे टैक्स नियम, लोकसभा में विधेयक पेशNSE क्लोजिंग प्राइस विवाद से बदला म्युचुअल फंड NAV, निवेशकों पर दिखा अलग-अलग असरMeta के अधिकारियों से आज सरकार की बैठक, WhatsApp और कंटेंट मॉडरेशन पर होंगे सवाल

दोपहिया और SUV की मांग से ऑटो पुर्जा उद्योग को मिलेगा बढ़ावा, FY26 में 9% तक ग्रोथ का अनुमान

Advertisement

कुल राजस्व में लगभग 17 प्रतिशत का योगदान देने वाले वाणिज्यिक वाहनों और ट्रैक्टरों की बिक्री में मामूली सुधार से भी बढ़ोतरी को समर्थन मिलने की उम्मीद है।

Last Updated- May 22, 2025 | 12:16 AM IST
The popularity of white cars continues, there is a strong increase in demand for black and blue cars सफेद कारों का जलवा बरकरार, काले और नीले रंग की कारों की मांग में जोरदार इजाफा
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

भारत के वाहन पुर्जा उद्योग में वित्त वर्ष 26 के दौरान 7 से 9 प्रतिशत की वृद्धि की उम्मीद है और इसकी पिछले वित्त वर्ष जैसी रफ्तार बरकरार रहेगी। इसे दोपहिया और यात्री वाहनों, खास तौर पर उपयोगिता वाहनों की जोरदार घरेलू मांग से समर्थन मिलेगा। ये दोनों मिलकर इस क्षेत्र के राजस्व में करीब आधा योगदान करते हैं। क्रिसिल के इस विश्लेषण में उन पुर्जा विनिर्माताओं को शामिल किया गया है, जिनकी वित्त वर्ष 25 के दौरान इस क्षेत्र के 7.9 लाख करोड़ रुपये के राजस्व में 35 प्रतिशत हिस्सेदारी रही।

क्रिसिल रेटिंग्स की रिपोर्ट के अनुसार कुल राजस्व में लगभग 17 प्रतिशत का योगदान देने वाले वाणिज्यिक वाहनों और ट्रैक्टरों की बिक्री में मामूली सुधार से भी बढ़ोतरी को समर्थन मिलने की उम्मीद है।

15 प्रतिशत राजस्व हिस्सेदारी वाली आफ्टरमार्केट श्रेणी में 5 से 7 प्रतिशत की दर से लगातार वृद्धि का अनुमान है। इसे पुराने वाहनों के बेड़े से मदद मिलेगी। लेकिन वैश्विक स्तर पर बाधाएं बरकरार हैं। अमेरिका और यूरोप में नए वाहनों की कमजोर मांग से इस क्षेत्र के निर्यात प्रदर्शन पर असर पड़ सकता है। अनुमान है कि इस साल यह नरम पड़कर 7 से 8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज कर सकता है। भारत के वाहन पुर्जा निर्यात का करीब 60 प्रतिशत हिस्सा अमेरिका और यूरोप में जाता है।

Advertisement
First Published - May 22, 2025 | 12:16 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement