साल दर साल थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) के आधार पर मापी जाने वाली महंगाई यानी मुद्रास्फीति की दरें गिरकर शून्य के करीब पहुंच गई हैं और इसके साथ ही भारतीय अर्थव्यवस्था के अपस्फीति (डिफ्लेशन) के चरण में पहुंचने की बाबत चिंताएं उभर आई हैं। कुल मिलाकर यह निश्चित है कि अगले कुछ हफ्तों में थोक […]