गडकरी ने कर्नाटक में पार्टी इकाई से एकजुट होकर काम करने और विधानसभा चुनाव में अच्छा परिणाम देने को कहा। लेकिन दक्षिणी राज्य में भाजपा के भीतर अंतर्कलह होने की वजह से स्पष्ट नहीं है कि यह शांति कितने समय टिकेगी।
दिलचस्प बात है कि जब गडकरी ने गौड़ा के इस्तीफे के बारे में घोषणा की तो निवर्तमान मुख्यमंत्री उनके साथ नहीं थे। गौड़ा पार्टी प्रमुख को अपना इस्तीफा सौंपने के बाद गडकरी के आवास से पीछे के दरवाजे से बाहर निकल गए।
गडकरी ने गौड़ा की जमकर तारीफ की। गडकरी ने कहा कि गौड़ा ने विगत 11 महीने में कर्नाटक में अच्छा और स्वच्छ प्रशासन दिया।
अपनी तरफ से गौड़ा ने इस्तीफा देने को कहे जाने पर कोई नाराजगी नहीं जताई। उन्होंने कहा कि वह पार्टी के आग्याकारी सैनिक हैं।
उन्होंने कहा, पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व द्वारा सुनाए गए फैसले को मैंने तहेदिल से स्वीकार किया है। मैं पार्टी का वफादार कार्यकर्ता बना रहूंगा। मैं यह देखना चाहूंगा कि मेरी पार्टी का शेष प्रशासनिक काल अच्छा रहे। नए मुख्यमंत्री को मेरी तरफ से पूरा सहयोग मिलेगा।
उन्होंने उम्मीद जताई कि विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी को लोगों का एकबार फिर आशीर्वाद मिलेगा।
भाषा दिलीप सुजाता
मीना दि92
07081637 दि
नननन