समाज से अंधविश्वास उन्मूलन के लिए काम कर रहे एक संगठन ने आज महाराष्ट्र सरकार से मांग की कि वह अगले सप्ताह से शुरू होने जा रहे विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान अंध्विश्वास विरोधी विधेयक पारित करने का साहस दिखाये।
महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के संस्थापक नरेन्द्र डभोलकर ने संवाददाताओं को यहां पर बताया कि राज्य विधानसभा में 1998 में पहली बार काला जादू और बुराई एवं अघोरी पद्धति विधेयक रखा गया था लेकिन सरकार ने अभी तक इस विधेयक को पास करने के लिए कोई पहल नहीं की है।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार लोगों में जादू टोना, काला जादू, और इस तरह के अन्य क्रियाकलापों के प्रचलित होने से भिग्य है लेकिन वह इस मुद्दे को लेकर संवेदनशील नहीं है। इस महत्वपूर्ण समाजिक मुद्दे को नजरअंदाज करने को लेकर संगठन ने सरकार की निंदा की।