Advertisement
ITR भरते समय हो गई गलती? रिटर्न जमा होने के बाद भी मिलेगा सुधार का मौका, जानें पूरा नियमजियो IPO, AI और ग्रीन एनर्जी से बदलेगी रिलायंस की तस्वीर, 5 ब्रोकरेज को दिख रहा 32% तक अपसाइडपुरानी बाइक-कार में भरवा रहे हैं E20 पेट्रोल? ₹10 हजार तक बढ़ सकता है मेंटेनेंस खर्च10 साल के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची लोन ग्रोथ, ICICI Bank, HDFC Bank और SBI बने ब्रोकरेज के टॉप पिकGold, Silver Price Today: घरेलू बाजार में सोना-चांदी उछले, विदेशी बाजार में भाव नरमतेल की कीमतें घटीं, फिर भी सरकार को हो सकता है ₹1.65 लाख करोड़ का नुकसानStock Market Update: सेंसेक्स 300 अंक उछला, निफ्टी 24,100 के करीब; GRSE शेयरों में 5% की छलांगDalmia Bharat का बड़ा विस्तार प्लान, जुटाएगी 4,000 करोड़ रुपयेNRI के पैसे पर RBI की पैनी नजर! अब रोजाना जारी हो सकते हैं अरबों डॉलर की आमद के आंकड़े18,000 करोड़ की AI सिटी पर बवाल! किसानों ने कहा, हमारी जमीन नहीं तो कोई सौदा नहीं
अन्य समाचार जंदल के खिलाफ अभियान का ब्यौरा लीक होने से नाराज है सउदी अरब : मेनन
'

जंदल के खिलाफ अभियान का ब्यौरा लीक होने से नाराज है सउदी अरब : मेनन

PTI

- September,07 2012 5:53 PM IST

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिव शंकर मेनन ने कहा है कि सउदी अरब के अधिकारियों ने मुंबई आतंकी हमले के आरोपी अबू जंदल की गिरफ्तारी के अभियान का ब्यौरा मीडिया में लीक करने पर नाराज़गी का इज़हार किया है ।

राज्यों के पुलिस प्रमुखों के सम्मेलन में मेनन ने कहा कि पुलिस अभियान में पूरी गोपनीयता सुनिश्चित करने की आवश्यकता है । किसी अभियान का सेहरा सिर बांधने के उत्साह में अपने स्रोत से कोई समझौता नहीं करना चाहिए ।

सूत्रों ने दावा किया कि मेनन ने कल अपने संबोधन में कहा कि यदि किसी स्रोत को सार्वजनिक करते हैं तो इस बात का पूरा खतरा रहता है कि वह स्रोत आगे से सुरक्षा एजेंसियों के साथ शायद कभी काम न करे ।

उन्होंने पुलिस के आला अधिकारियों से कहा कि अबू जंदल के खिलाफ चलाये गये अभियान की बारीक से बारीक जानकारियों को सार्वजनिक किये जाने से सउदी अधिकारी खुश नहीं हैं । सूत्रों ने कहा कि अभियान में शामिल सुरक्षा एजेंसियों ने शायद ये जानकारियां लीक कीं ।

मुंबई में 2008 के आतंकवादी हमले की साजि़श में शामिल जंदल को सउदी अधिकारियों ने भारत को सौंपा था ।

मेनन ने पुलिस प्रमुखों को आगाह किया कि वे पडोसी देशों की गतिविधियों पर कडी नज़र रखें । साथ ही देश के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा को लेकर पुलिस और खुफिया अधिकारी हमेशा सतर्क रहें ।

भाषा अमृत जलीस

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement