प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में हुई केन्द्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में यह तय किया गया । बैठक के बाद जारी सरकारी विग्यप्ति में बताया गया कि ओडिशा और मणिपुर की जनता और वहां की राज्य सरकारों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करने के उद्देश्य से उक्त फैसला किया गया ।
विग्यप्ति के मुताबिक इन दोनों हवाई अड्डों को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा घोषित करने से बेहतर कनेक्टिविटी हासिल होगी और हवाई यात्रा करने वालों को प्रतिस्पर्धी दर पर व्यापक सेवाएं हासिल हो सकेंगी । इसके परिणामस्वरूप दोनों राज्यों और देश में अंतरराष्ट्रीय पर्यटन एवं आर्थिक विकास को बढावा मिलेगा ।
बीजू पटनायक हवाई अडडा या भुवनेश्वर हवाई अडडा भारतीय हवाई अडडा प्राधिकरण के स्वामित्व में है और यह कोड डी किस्म के बी-767-400 विमानों के परिचालन के योग्य है । इस हवाई अडडे पर रात के समय लैंडिंग एवं टेक आफ की सुविधा है । यहां छह विमानों को एक साथ पार्क करने की सुविधा है ।
इम्फाल हवाई अडडा भी भारतीय हवाई अडडा प्राधिकरण के स्वामित्व में है और यह सी किस्म के ए-320-321 विमानों के परिचालन के योग्य है । यहां हर मौसम मंे विमान परिचालन हो सकता है । इस हवाई अडडे पर भी रात में विमानों की लैंडिंग एवं टेक आफ हो सकता है । यहां एक समय में तीन ए-320 और एक एटीआर-72 विमान पार्क किए जा सकते हंै ।
भाषा अमृत जलीस