पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने आज यहां संवाददाताओं से बातचीत में कहा, मनरेगा में हुई धांधली उजागर होने के बाद से केन्द्र एवं राज्य सरकार की तरफ से लगातार जांच कर दोषियों को सजा दिलाने के वादे तो किये जा रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने कहा कि कंेद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश उत्तर प्रदेश में मनरेगा में हुई धांधलियों की सीबीआई जांच के आवश्कता पर जोर देते रहे हैं, लेकिन सवाल यह है कि उन्हंे सीबीआई या किसी अन्य एजेंसी से कराने से रोका किसने है।
पाठक ने कहा कि राज्य में मनरेगा योजना में धांधली के आरोपों का सिलसिला लगातार जारी है लेकिन मुख्यमंत्री धांधली एवं लूट के खिलाफ कोई कारगर कार्रवाई करने के बजाय सिर्फ केन्द्र सरकार पर भेदभाव कर आरोप लगा कर चुप हो जा रहे हंै।
उन्होंने राज्य में मनरेगा योजना में हुई धांधली पर मुख्यमंत्री की आश्चर्यजनक चुप्पी पर सवाल खडे करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री अखिलेश ने अपने एक साक्षात्कार में स्वयं स्वीकार किया था कि राज्य मंे मनरेगा योजना में धांधली हुई है।
साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया था कि मनरेगा में गड़बडि़यों के लिये जिम्मेदार अधिकारियों को चिन्हित कर लिया गया है और जल्द ही उनके विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जायेगी।
प्रदेश प्रवक्ता ने सवाल किया कि जब मुख्यमंत्री दोषी अधिकारियों को जानते हैं तो फिर उनके खिलाफ कार्रवाई में इतनी देरी क्यों हो रही है।