उच्च सदन में 2013...14 के लिए अनुदानों की अनुपूरक मांगों वाले विनियोग :संख्यांक 4: विधेयक 2013 पर चर्चा की शुरूआत करते हुए भाजपा के प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि सरकार मुद्रास्फीति की दर में तीव्र वृद्धि, राजस्व घाटे में बढ़ोत्तरी और चालू खाते का घाटा जैसी चुनौतियों से निपटने में नाकाम साबित हुई है।
जावड़ेकर ने कहा कि राजकोषीय घाटा चार माह में अपनी सीमा पार कर चुका है और सरकार को बताना चाहिए कि इस पर नियंत्रण कैसे पाया जा सकेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि निवेश के बारे में लंबे समय तक निष्कि्रय रहने के बाद पिछले कुछ माह में तेजी से निर्णय किए जा रहे हैं।
आंकड़ों का हवाला देते हुए भाजपा नेता ने कहा कि सरकार का यह दावा बिल्कुल गलत है कि दुनिया भर में महंगाई बढ़ रही है क्योंकि भारत की मुद्रास्फीति दर से चीन, जापान, ब्रिटेन, ब्राजील आदि की मुद्रास्फीति दर बहुत ही कम है।
विनियोग विधेयक के साथ ही उच्च सदन में महंगाई पर अल्पकालिक चर्चा भी हुई। जावड़ेकर ने कहा कि तेजी से बढ़ रही महंगाई के कारण आम आदमी का बजट पूरी तरह चौपट हो गया है।
जावड़ेकर ने कहा कि रूपये का अवमूल्यन हो रहा है और साथ में निवेशकों का विश्वास घट रहा है। उन्होंने कहा, सरकार कहती है कि भारतीय रिजर्व बैंक अर्थव्यवस्था में सुधार के उपाय करेगा। लेकिन सच तो यह है कि आरबीआई ने 13 बार ब्याज दरें बढ़ाई हैं। क्या मांग को रोकना ही मुद्रास्फीति को रोकने का तरीका है। सरकार आपूर्ति पर ध्यान क्यों नहीं देती।