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कोरोना की दूसरी लहर से लडऩे को तैयार भारतीय कंपनियां

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Last Updated- December 12, 2022 | 6:51 AM IST

पिछले साल की गर्मियों में कोरोना महामारी के फैलने तथा उसकी वजह से लगाए गए लॉकडाउन के कारण कारोबार में खलल पडऩे के बाद से आभूषण क्षेत्र की प्रमुख कंपनी तनिष्क अब अपनी बिक्री को एक बार फिर पटरी पर ले आई है। पहले के विपरीत अब तकनीकी पहलों को शामिल करते हुए कंपनी अब ग्राहकों के दरवाजे पर अपनी सुविधाओं के साथ प्रस्तुत है। देश में कोरोना संक्रमण के मामलों में उछाल के बावजूद कंपनी के उपाध्यक्ष (मार्केटिंग एवं रिटेल) अरुण नारायण कोरोना की दूसरी लहर से निपटने के लिए पहले की तुलना में काफी अधिक आश्वस्त हैं।
इस कार्य में तनिष्क अकेली कंपनी नहीं है। बिज़नेस स्टैंडर्ड ने इसी तरह के आत्मविश्वास को प्रतिबिंबित करने वाली कई कंपनियों से बात की। कोविड-19 संक्रमण के मामलों की संख्या में एक बार फिर वृद्धि हो सकती है और देश अब दूसरी लहर के शुरुआती चरणों में है। लेकिन भारतीय कंपनियां इस समय चुनौती से लडऩे के लिए कुशलता के साथ तैयार हैं।
उदाहरण के लिए पैनासोनिक को ही लें। पिछले साल कंज्यूमर ड्यूरेबल निर्माताओं को गर्मियों के मौसम के दौरान बिक्री में भारी नुकसान उठाना पड़ा था और लॉकडाउन के चलते एयर कंडीशनर और रेफ्रिजरेटर जैसे उत्पादों की अच्छी बिक्री नहीं हो सकी। हालांकि पैनासोनिक इंडिया और दक्षिण एशिया के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्याधिकारी मनीष शर्मा का कहना है कि इस बार उपभोक्ता सामान बनाने वाली कंपनियां गर्मियों के समय के उत्पादों के साथ तैयार हैं।  
उन्होंने कहा, ‘हम अपने कार्यालयों, खुदरा स्टोर और विनिर्माण इकाइयों में सभी सावधानियां रखना जारी रखेंगे। हम विनिर्माण या बिक्री में किसी व्यवधान के आने पर उपचारात्मक उपायों का आकलन कर रहे हैं। हम आगामी स्थिति पर सरकार के निर्देश का पालन करना जारी रखेंगे।’
घरेलू सामान अति-आवश्यक सामान की सूची में नहीं आते, जिसके चलते पिछले साल लॉकडाउन के दौरान यह श्रेणी गंभीर रूप से प्रभावित होने वाले कारोबारों में शामिल थी। हालांकि ब्लू स्टार जैसी कंपनियां हालिया कोविड लहर से चिंतित नहीं हैं। एयर कंडीशनिंग क्षेत्र की प्रमुख  कंपनी ब्लू स्टार में प्रबंध निदेशक बी. त्यागराजन के अनुसार अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में एसी की मांग सालाना आधार पर 17 प्रतिशत बढ़ी है और यह रुझान जारी रहने की उम्मीद है। उन्होंने कहा, ‘हमने स्थानीय स्तर पर लगने वाले लॉकडाउन जैसे छोटे व्यवधानों के लिए अपने संचालन एवं आपूर्ति शृंखला को सुव्यवस्थित किया है। अब तीव्र गति के साथ टीके लगाए जा रहे हैं और हम इस बार किसी तरह की कोई बड़ी गड़बड़ी नहीं देखेंगे।’   
तेजी से आगे बढऩे वाले उपभोक्ता सामान की श्रेणी के अग्रणी निर्माताओं का एक समूह अपने उत्पादन को तेजी दे रहे हैं, जिससे उनकी उत्पादन सुविधाओं के आसपास किसी भी तरह के अवरोध से उनकी आपूर्ति प्रभावित न हो। उपभोक्ता सामान के क्षेत्र की एक प्रमुख कंपनी के अधिकारी ने कहा, ‘अधिकांश कंपनियां बड़े पैक के साथ उत्पादन कर रही हैं ताकि यदि उपभोक्ता पिछली गर्मियों की तरह सामान के भंडारण का विकल्प चुनते हैं, तो उन्हें ये आसानी से मिल जाएं। महामारी के शुरुआती दिनों में आपूर्ति की कमी ने हमारे व्यवसाय को नुकसान पहुंचाया था।’  एक प्रमुख बहुराष्ट्रीय कंपनी के एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, पिछले एक साल में नई कारोबारी योजनाओं का सृजन एवं परीक्षण किया जा चुका है। इस प्रकार, संचालन प्रबंधन में कोई बड़ा व्यवधान देखने को नहीं मिलेगा। नेस्ले इंडिया के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘हम अपने परिचालन के दौरान अपने कठोर कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करना जारी रखेंगे और मास्क, सामाजिक दूरी, तापमान स्क्रीनिंग और सैनिटाइजिंग जैसे सभी एहतियाती उपायों का पालन कर रहे हैं।’
जर्मन थोक शृंखला मेट्रो कैश ऐंड कैरी ने सुविधाजनक ऑनलाइन शॉपिंग के लिए एक ई-कॉमर्स ऐप्लिकेशन विकसित किया है। कंपनी का दावा है कि भारत में ऐप पर उपस्थित लगभग 70 प्रतिशत ग्राहक पहले से ही खरीदारी के हाइब्रिड मॉडल (ऑनलाइन एवं ऑफलाइन) का प्रदर्शन कर रहे हैं। मेट्रो कैश ऐंड कैरी इंडिया के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्याधिकारी अरविंद मेदिरत्ता के मुताबिक, अब कंपनी छोटे स्टोर के साथ मिलकर अपनी पहुंच बढ़ा रही है।
उन्होंने कहा, ‘हमने आपूर्ति शृंखला में व्यवधान, खरीदारी के बदलते व्यवहार आदि को लेकर पिछले एक साल में काफी अधिक सीखा है। हमने अपने ग्राहकों के लिए पर्याप्त भंडार उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए बेहतर विकसित किए हैं।’ तनिष्क के नारायण कहते है, पिछले एक साल के दौरान कंपनी ने अपनी वेबसाइट पर वीडियो कॉलिंग, डिजिटल भुगतान, होम डिलिवरी, लाइव असिस्टेड चैट, वर्चुअल ट्राय-ऑन आदि के माध्यम दुकान को ग्राहक तक पहुंचा दिया है। अब कंपनी का कारोबार महामारी की नई लहर के प्रभाव से काफी अछूता रहेगा। बड़ी संख्या में कंपनियों ने टीकाकरण के दायरे का विस्तार करने के लिए भारतीय उद्योग परिसंघ के माध्यम से सरकार से अपील की है ताकि वे अपने कर्मचारियों और उनके परिवारों का टीकाकरण करा सकें। मेट्रो अब प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कार्यरत 14,000 कर्मचारियों को टीका लगाने की शुरुआत कर रही है तो वहीं ब्लू स्टार का कहना है कि वह इसी तरह के उपाय शुरू करने की योजना बना रही है।

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First Published - March 19, 2021 | 11:42 PM IST

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