भाजपा मुख्यालय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नितिन नवीन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को बिहार के विधायक नितिन नवीन के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने का स्वागत करते हुए इसे पार्टी में एक पीढ़ीगत बदलाव का संकेत बताया। उन्होंने 45 वर्षीय नवीन को ‘मिलेनियल’ कहकर संबोधित किया और कहा कि पार्टी के मामलों में नवीन उनके ‘बॉस’ होंगे।
मोदी ने अपनी सरकार की योजनाओं और नीतियों के बारे में बताते हुए कहा, ‘एक पार्टी कार्यकर्ता के रूप में मेरे काम का आकलन नए अध्यक्ष करेंगे। मैंने अपने काम का ब्योरा उनको दे दिया है। अब वह मेरी गोपनीय रिपोर्ट लिखेंगे। मैं उनके निर्देशन की प्रतीक्षा कर रहा हूं।’
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘जब बात पार्टी मामलों की आती है तो माननीय नितिन नवीन जी, मैं एक कार्यकर्ता हूं और आप मेरे बॉस हैं। अब माननीय नितिन नवीन जी हम सभी के अध्यक्ष हैं और उनकी जिम्मेदारी केवल भाजपा का प्रबंधन करना नहीं बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि राजग के सभी गठबंधन साझेदारों में समन्वय बना रहे।’
मोदी ने कहा कि नए भाजपा अध्यक्ष एक ऐसे युग से आते हैं जिसके लोगों ने बचपन में रेडियो पर खबरें सुनीं और अब आर्टिफिशल इंटेलिजेंस का कुशलतापूर्वक इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नितिन नवीन के पास युवोचित ऊर्जा और अनुभव दोनों हैं।
मंगलवार दोपहर भाजपा के राष्ट्रीय मुख्यालय में 40 मिनट के भाषण में प्रधानमंत्री ने इस तथ्य का उल्लेख किया कि नवीन का जन्म भाजपा की स्थापना (अप्रैल 1980) के कुछ ही सप्ताह बाद हुआ था और यह भी कि भाजपा का पूर्व संस्करण भारतीय जनसंघ इस वर्ष अपनी स्थापना के 75 वर्ष पूरे करेगा। जनसंघ की स्थापना अक्टूबर 1951 में हुई थी।
प्रधानमंत्री ने अवैध प्रवासन को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बताया और कहा कि घुसपैठिए यानी अवैध प्रवासियों की पहचान कर उन्हें उनके-अपने देशों में वापस भेजा जाना चाहिए। उन्होंने अवैध प्रवासियों के कारण जनसांख्यिकीय असंतुलन और अर्बन नक्सल को राष्ट्र के सामने बड़ी चुनौतियों के रूप में रेखांकित किया।
अपने संबोधन में नवीन ने युवाओं से राजनीति में आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं को आश्वस्त रहना चाहिए कि भाजपा का ‘वॉचटॉवर’ उनके कठिन परिश्रम पर ध्यान देगा। भाजपा के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष नवीन ने पार्टी कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे आगामी विधानसभा चुनावों यानी केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम और पुदुच्चेरी में भाजपा की सफलता सुनिश्चित करें ताकि ‘सनातन परंपराओं और आस्था’ की रक्षा की जा सके। उन्होंने कहा कि इन चुनावी राज्यों में कुछ जगहों पर ‘जनसांख्यिकीय परिवर्तन’ हो रहे हैं।
कुछ पश्चिमी देशों द्वारा अवैध प्रवासियों को वापस भेजने का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा कि दुनिया के संपन्न और शक्तिशाली राष्ट्र अवैध प्रवासियों की पहचान कर उन्हें निर्वासित कर रहे हैं और कोई उनके कदमों पर सवाल नहीं उठा रहा है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि अवैध प्रवासियों को संरक्षण देने वाली राजनीतिक पार्टियों को ‘बेनकाब’ करें। मोदी ने कहा कि वर्षों तक भाजपा को अलग-थलग रखा गया और अछूत की तरह व्यवहार किया गया, लेकिन अब देश इन तरीकों को पहचान रहा है।
कार्यक्रम में कई वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया, जिनमें पूर्व पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, अमित शाह और जे. पी. नड्डा शामिल थे, साथ ही केंद्रीय मंत्री, भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और पार्टी कार्यकर्ता भी उपस्थित थे।
प्रधानमंत्री ने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे कांग्रेस की गलतियों से सबक लें। उन्होंने याद दिलाया कि कांग्रेस ने 1984 के लोकसभा चुनावों में 400 से अधिक सीटें जीती थीं और लगभग 50 प्रतिशत वोट शेयर हासिल किया था, लेकिन आज वह 100 सीटों तक पहुंचने के लिए संघर्ष कर रही है। उन्होंने कहा कि इसका कारण यह है कि पार्टी और उसके कार्यकर्ता एक परिवार के प्रति समर्पित हैं।
प्रधानमंत्री ने महाराष्ट्र के हालिया नगरपालिका चुनावों में भाजपा की जीत का उल्लेख करते हुए कहा कि पार्टी संगठन ने अगली चुनावी तैयारी शुरू कर दी है और अपनी सफलता पर आराम नहीं किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने अपनी राजनीतिक यात्रा ‘पार्टी विद डिफरेंस’ (औरों से अलग दल) के रूप में शुरू की थी और यह सुशासन की पार्टी के रूप में उभरी है।