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1,535 मेगावॉट की सौर परियोजनाओं पर काम

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Last Updated- December 12, 2022 | 5:22 AM IST

क्लीन ऐंड ग्रीन एनर्जी के अभियान के तहत उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने 7,500 करोड़ रुपये की 1,535 मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजनाओं पर काम शुरू कर दिया है।
इसी हफ्ते चित्रकूट जिले में अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड की सहायक इकाई अदाणी सोलर एनर्जी चित्रकूट वन लिमिटेड ने 50 मेगावाट के सौर ऊर्जा संयंत्र के परिचालन की शुरुआत की है। इसके साथ अब प्रदेश में सौर ऊर्जा का उत्पादन बढ़ कर 74 मेगावॉट हो गया है।
राज्य सरकार के प्रवक्ता के मुताबिक पर्यावरण के प्रति मित्रवत परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने सौर ऊर्जा नीति के तहत नई इकाई लगाने वालों को स्टाप शुल्क में सौ फीसदी की छूट दी है। नीति के तहत प्रदेश सरकार गांवों  में 225 मेगावॉट क्षमता के सोलर रूफटॉप स्थापित करने जा रही है। साथ ही गांवों में खेतों की सिंचाई के लिए 18823 सोलर पंप स्थापित किए जा रहे हैं।
प्रदेश में पंडित दीनदयाल उपाध्याय सोलर स्ट्रीट लाइट योजना के तहत ग्रामीण बाजारों में 25,304 सोलर स्ट्रीट लाइटों की स्थापना की जानी है। इसके अलावा मुख्यमंत्री समग्र ग्राम्य विकास योजना में चयनित राजस्व ग्रामों में 13791 सोलर स्ट्रीट लाइट संयंत्रों की स्थापना होगी।
उन्होंने बताया कि योगी सरकार की ओर से जैव ऊर्जा उद्यम प्रोत्साहन नीति के तहत 2480 करोड़ रुपये का निजी निवेश आमंत्रित किया गया है। इसकी मदद से 720 करोड़ रुपये की लागत की 180 मेगावॉट क्षमता की सौर ऊर्जा उत्पाद इकाइयां स्थापित की जाएंगी। सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना के लिए बुंदेलखंड में खास तौर पर रियायतें दी जा रही हैं। नहरों के किनारे की खाली पड़ी सरकारी जमीन को सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने के लिए दिया जा रहा है। सरकार ने वाणिज्यिक भवनों में ऊर्जा की बचत के लिये ऊर्जा संरक्षण भवन संहिता 2018 लागू की है। इसके तहत वाणिज्यिक भवनों पर रूफटॉफ सोलर पैनल लगाकर बिजली पैदा की जाएगी। प्रदेश के वाराणसी, लखनऊ सहित कई शहरों में इसके लिए सरकारी भवनों का निरीक्षण कर सौर ऊर्जा के उपयोग की रिपोर्ट तैयार की गई है। प्रदेश के पुलिस थानों में भी सौर ऊर्जा का उपयोग किया जाएगा।
इतना ही नहीं, योगी सरकार ने अब तक 3,400 सोलर आरओ वाटर संयंत्रों की स्थापना प्राथमिक विद्यालयों में करवाई है।

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First Published - April 28, 2021 | 11:59 PM IST

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