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उप्र में कम होगी वैट की चुभन

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Last Updated- December 06, 2022 | 11:43 PM IST

उत्तर प्रदेश के कारोबारियों की काफी पुरानी मांग को स्वीकार करते हुए राज्य सरकार ने मौजूदा वैल्यू एडेड टैक्स (वैट) की संरचना को सरल बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
 
कमर्शियल टैक्स के मुख्य सचिव गोविंदन नैयर ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया, ‘वर्तमान वैट प्रणाली में संशोधन के लिए हम लोग मसौदा तैयार कर रहे हैं और यह मसौदा कारोबारियों के हित में होगा।


इसके अलावा हम लोग कारोबारियों के लिए एक सॉफ्टवेयर भी तैयार कर रहे हैं, जिसके जरिए वे ऑनलाइन रिटर्न जमा करवा सकेंगे। हमलोग इस प्रक्रिया को पूरी तरह कागजी कार्रवाई रहित बनाना चाहते हैं।’


राज्य सरकार ने वैट के दायरे से हाथ से बने कार्पेट (सिल्क और ऊन) को मुक्त करने की भी घोषणा की है। नैयर ने बताया, ‘हम लोग कारोबारियों की हितों को ध्यान में रखते हुए राज्य में करीब 50 नाके को क्रमबध्द तरीके से बंद करेंगे। इसके अलावा कालाबाजारी की समस्या को रोकने के लिए अवर्गीकृत क्षेत्रों को वर्गीकृत किया जाएगा।’ एक आंकड़े के मुताबिक उत्तर प्रदेश में वैल्यू एडेड टैक्स के तहत पहली तिमाही में राजस्व की उगाही के नतीजे बहुत अच्छे रहें।


इस साल के पहले तीन महीनों में राजस्व उगाही में 11 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि पिछले साल इसी अवधि के दौरान राजस्व में सिर्फ 5 से 6 फीसदी की बढ़ोतरी हुई थी। उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश में वैट इसी साल 1 जनवरी से लागू किया गया था।


नैयर ने बताया, ‘इस साल के पहले तीन महीनों में वैट के तहत राजस्व की उगाही बहुत अच्छी रही है और हम आशा करते हैं कि आने वाले दिनों में भी राजस्व में बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। इससे भी कही अधिक हम लोग कारोबारियों के लिए वैट की प्रक्रिया को आसान बनाने में लगे हैं।’


बहरहाल इस साल के लिए विभाग ने राज्य से कुल 19,555 करोड़ रुपये राजस्व उगाही का लक्ष्य निर्धारित किया है। पिछले साल विभाग द्वारा 15,040 करोड़ रुपये की उगाही की गई थी। नैयर ने बताया, ‘हमें उम्मीद है कि इस साल हम लोग राजस्व उगाही में 30 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज करेंगे। गैर-तेल सेक्टर में 14 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ राजस्व की उगाही की गई थी जबकि तेल क्षेत्रों में हमें घाटे का सामना करना पड़ा।’


उन्होंने बताया कि पिछले साल राज्य सरकार को ‘खास तौर से इंट्री टैक्स पर रोक की वजह से’ तेल क्षेत्र में करीब 1,000 करोड़ रुपये के घाटे का सामना करना पड़ा। हालांकि केवल तीन महीनों में गैर-तेल क्षेत्र में करीब 14 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। उन्होंने चालू वित्त वर्ष के दौरान राजस्व लक्ष्य को हासिल कर लेने का भरोसा जताया।

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First Published - May 15, 2008 | 10:09 PM IST

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