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यूपी में परिवहन भाड़ा सब्सिडी दोगुनी हुई

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Last Updated- December 11, 2022 | 11:34 PM IST

उत्तर प्रदेश सरकार ने छोटे व मझोले उद्यमों से निर्यात को बढ़ावा देने के लिए तैयार माल की ढुलाई के लिए दे जाने परिवहन भाड़ा सब्सिडी को बढ़ाकर दो गुना कर दिया है। प्रदेश सरकार ने अगले 3 सालों में निर्यात का लक्ष्य बढ़ाकर 3 लाख करोड़ रुपये का रखा है। बीते साल प्रदेश से 1.21 लाख करोड़ रुपये के उत्पादों का निर्यात किया गया था।
प्रदेश के अपर मुख्य सचिव सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग नवनीत सहगल ने बताया कि नई निर्यात नीति में निर्यातकों के लिए सुविधाओं को बढ़ाया गया है। प्रोडक्शन हाउस से पोर्ट तक कंटेनर के परिवहन के लिए दी जा रही 6000 रुपये की सब्सिडी को बढ़ाकर 12,000 रुपये किया गया है। साथ ही इनलैंड कंटेनर डिपो (आईडीसी) के साथ-साथ सी-पोर्ट तक ट्रक से माल भेजने पर भी इस सब्सिडी का लाभ निर्यातकों को मिलेगा। एयर फ्रेट सब्सिडी 2 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये की गई है। उन्होंने कहा कि मार्केटिग डेवलपमेंट एक्सटेंशन स्कीम के तहत मेले एवं प्रदर्शनियों में हिस्सा लेने वाले निर्यातकों को दी जाने वाली सुविधाओं को दोगुना किया गया है। साथ ही विदेशी खरीददारों को सैंपल भेजने पर आने वाले खर्च का 75 फीसदी  हिस्सा सरकार वहन कर रही है। उन्होंने कहा कि ई-कामर्स को बढ़ावा देने के चलते फ्लिपकार्ट पर 1000 करोड़ रुपये मूल्य के एक जिला-एक उत्पाद (ओडीओपी) उत्पादों की बिक्री हुई है।
प्रदेश से निर्यात बढ़ाने के लिए राज्य सरकार निर्यातकों को वित्तीय सहायता के साथ-साथ नवीनत्म टेक्नालॉजी से जोडऩे में मदद करेगी। सहगल ने कहा कि उत्तर प्रदेश लैंड-लॉक स्टेट की श्रेणी में आता है, फिर भी यूपी में निर्यात का बड़ा स्कोप है। अगले 3 वर्र्षों में 3 लाख करोड़ निर्यात के लक्ष्य को प्राप्त करने में सिडबी के उभरते सितारे फंड की महत्त्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर जिले का एक्सपोर्ट प्लान तैयार कराया जा रहा है।
छोटे शहरों के निर्यातकों तक पहुंच बनाई जा रही है और उन्होंने सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। इसके चलते एक्पोर्ट प्रमोशन काउंसिल में 1000 नई निर्यात इकाइयां पंजीकृत हुई हैं।
उत्तर प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने एक दिवसीय उभरते सितारे कानक्लेव-कम-एक्सपो का उद्घाटन करते हुए कहा कि प्रदेश में नई निर्यात प्रोत्साहन नियमावली बनाई गई है और इसमें निर्यातकों के लिए विशेष प्रोत्साहनों का प्राविधान किया गया है।
उन्होंने कहा कि केन्द्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने उभरते सितारे फण्ड की शुरुआत  की थी जो निर्यातकों की वित्तीय कठिनाइयों के निराकरण के लिए  एक बेहतर प्लेटफार्म साबित हो रहा है। सिंह ने  कहा उत्तर प्रदेश में पहले से लगभग 90 लाख के आस-पास सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम इकाइयां स्थापित है। वर्तमान सरकार के प्रयासों से मात्र साढ़े चार वर्षों में 80 से 85 लाख नई एमएसएमई की स्थापना हुई है।

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First Published - November 13, 2021 | 12:44 AM IST

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