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दूरदराज के लिए चुनावी संचार

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Last Updated- December 10, 2022 | 9:59 PM IST

दूर-दराज के इलाकों में निष्पक्ष और सुविधा पूर्ण चुनावों को कराने के लिए चुनाव आयोग ने दूरसंचार सेवाओं को दुरुस्त करने की योजनाएं बनाई हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त नवीन चावला का कहना है कि ‘दूरदराज के इलाकों में दूरसंचार सेवाए स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने में एक अहम भूमिका निभाती है। इन इलाकों में चुनावों को मिल रही चुनौती को देखते हुए चुनाव आयोग दूरसंचार सेवाओं को तेज और दुरुस्त करने की योजना बना रहा है।’
चुनाव आयोग ने यह योजना छत्तीसगढ़ में चुनावों की तैयारी की समीक्षा के बाद बनाई है। गौरतलब है कि राज्य में आगामी 16 अप्रैल को पहले दौर की वोटिंग है। राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों ने नवीन चावला को बताया कि राज्य संचालित भारत संचार निगम लिमिटेड(बीएसएनएल)ने नक्सल प्रभावित इलाकों में मोबाइल टॉवरों को लगाया है। लेकिन इन्हें एक्टीवेटेड नहीं किया जा सका है।
राज्य के पदाधिकारियों ने यह भी कहा कि नक्सल प्रभावित इलाके बस्तर में अगर दूरसंचार सेवाओं को दुरुस्त कर दिया जाए तो चुनाव का आयोजन कराने में काफी आसानी हो जायेगी। इसके बाद से चुनाव आयोग ने बस्तर ही नहीं वरन देश के सभी दूरदराज इलाकों में इस योजना को क्रियान्वित करने का मन बनाया है।
चावला का कहना है कि ‘दिल्ली जाकर मैं इस मुद्दे को तुंरत उठाऊंगा। साथ ही दूरसंचार मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों से इस बाबत मंत्रणा भी करुंगा। मेरी कोशिश रहेगी की जिन रिमोट इलाकों में टॉवरों को लगाया गया है। उन्हें अगले दस दिनों के भीतर क्रियान्वित किया जा सके।’

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First Published - March 29, 2009 | 9:03 PM IST

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