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बाढ़ से होने वाली मुश्किलों का एकमात्र हल पुनर्वास : उद्धव ठाकरे

Last Updated- December 12, 2022 | 2:16 AM IST

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि बाढ़ की मुश्किलों का एकमात्र हल प्रभावित लोगों का पुनर्वास है और राज्य सरकार इस मोर्चे पर हरसंभव सहायता देगी। मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित लोगों से अपने पुनर्वास के बारे में मिल-बैठकर फैसला करने की अपील की और ऐसे गांवों से इस संबंध में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित करने का आग्रह किया।
कोल्हापुर में स्थिति का जायजा लेने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ संभावित क्षेत्रों में रह रहे लोगों के सामने उत्पन्न होने वाली परेशानियों का स्थायी हल ढूंढ़ने के लिए शीघ्र ही कड़े कदम उठाए जाएंगे। शिरोली तहसील के एक गांव में अस्थायी शिविरों में रह रहे बाढ़ प्रभावितों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि समूचा गांव पुनर्वास के लिए तैयार है तो राज्य सरकार उन्हें इस प्रक्रिया में जरूरी सभी मदद देगी। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि पुनर्वास ही बाढ़ से उत्पन्न होने वाली परेशानियों का एकमात्र हल है। आप सभी लोग मिल-बैठकर पुनर्वास के बारे में फैसला कीजिए और हम मदद करेंगे। सरकार राज्य में बाढ़ संभावित गांवों की समस्याओं का स्थायी हल ढूंढने की इच्छुक है। ठाकरे ने कहा कि यहां के निर्वाचित प्रतिनिधियों के साथ संवाद करेगी। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से 2019 की बाढ़, पिछले सप्ताह की बाढ़ और कोविड महामारी के बारे में जिक्र किया और कहा कि पिछले तीन सालों में इन चीजों ने उनकी जिंदगी तबाह कर दी है और उन्हें अपनी जिंदगी पटरी पर लाने के लिए सहायता चाहिए। स्थानीय लोगों ने बताया कि इस साल की बाढ़ 2005 और 2019 की बाढ़ से अधिक अधिक है।
मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और विपक्ष के नेता तथा पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस कोल्हापुर में बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने गए तो अलग अलग लेकिन कोल्हापुर में दोनों नेताओं का काफिला मिल गया, दोनों नेताओं ने थोड़ी देर बात की इसके बाद निकल गए। मुख्यमंत्री के दल के साथ चल रहे विश्वासनीय लोगों का कहना है कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को जब पता चला कि फडणवीस भी कोल्हापुर के दौरे पर है तो उन्होने ही अपने सचिव से फडणवीस से मिलने को कहा और इसके बाद दोनों नेताओं ने मुलाकात की। सरकार और विपक्ष दोनों का मकसद एक ही है कि बाढ़ पीढ़ितों को जल्द से जल्द उचित मदद मिले और इस मुद्दे पर दोनों नेताओं ने बात की, यहां कोई राजनीति की बात नहीं हुई हैं।
फड़णवीस भी बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए पश्चिमी महाराष्ट्र के दौरे पर हैं। महाराष्ट्र के कई हिस्सों में बाढ़ एवं भूस्खलन के चलते 213 लोगों की जान चली गई और हजारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। कोंकण तथा पश्चिमी महाराष्ट्र के कोल्हापुर और सांगली जिलों में भयंकर नुकसान हुआ है। ठाकरे ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के भूस्खलन संभावित इलाकों की  कॉलोनियां स्थानांतरित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि स्थिति की प्रथम दृष्टया गंभीरता जानने के बाद मैं तब तक चैन नहीं लूंगा, जब तक बाढ़ प्रबंधन का स्थायी हल ढूंढने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती।
सार्वजनिक बांध काम विभाग के मुताबिक बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से राज्य की सड़कें बेहद खराब हुई हैं। मंत्री अशोक चव्हाण के मुताबिक राज्य में सड़कों का 1,800 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है सबसे ज्यादा कोकण विभाग में 700 करोड़ रुपये की सड़कें छतिग्रस्त हुई हैं। इस विषय में केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से फोन पर बात हुई है, उन्होने सहयोग करने का वादा किया।

First Published - July 30, 2021 | 11:33 PM IST

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